तीन माह के लंबे इंतजार के बाद पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के अंतर्गत बेतला नेशनल पार्क गुरुवार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। नए पर्यटन सत्र की शुरुआत पर पार्क परिसर में उत्साह का माहौल रहा। चतरा सांसद कालीचरण सिंह, पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जैना, बेतला रेंजर उमेश कुमार दुबे, अजय टोप्पो और प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी ने फीता काटकर पर्यटकों के लिए पार्क में प्रवेश की शुरुआत की। इससे पहले पूजा-अर्चना की गई। हर वर्ष मानसून के दौरान वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बेतला नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए बंद रहता है। तीन माह बाद पार्क खुलते ही बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। खुले जंगल सफारी वाहनों से पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया और प्राकृतिक सुंदरता व वन्यजीवों का आनंद लिया। गाइड और चालक रहेंगे यूनिफॉर्म में नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। पार्क क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और गश्ती व्यवस्था बढ़ाई गई है। सफारी वाहनों के चालक और गाइड यूनिफॉर्म में रहेंगे। जंगल के अंदर पर्यटकों के वाहन से उतरने और वन्यजीवों को परेशान करने पर रोक रहेगी। सांसद बोले- बेतला आएं, जल्द दिख सकते हैं बाघ सांसद कालीचरण सिंह ने पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में बेतला नेशनल पार्क पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेतला की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां आने वाले लोग जंगल सफारी के साथ प्रकृति और वन्यजीवन का आनंद उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द बेतला नेशनल पार्क में बाघ, बाघिन लाने जाएंगे। बाघों के आने से बेतला में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देशभर से आने वाले पर्यटकों के आकर्षण में भी वृद्धि होगी। बेतला नेशनल पार्क के विकास के लिए सरकार और वन विभाग के साथ मिलकर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए जहां भी जरूरत होगी, वहां सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। देशी व्यंजनों और महुआ टपरी बढ़ाएंगे आकर्षण पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर पीके जैना ने बताया कि पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों से जोड़ने के लिए पार्क परिसर में स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद और स्मृति चिह्न उपलब्ध होंगे। इसके अलावा महुआ टपरी की शुरुआत की जाएगी, जहां फूड ग्रेड महुआ से तैयार चाय सहित महुआ के विभिन्न उत्पाद पर्यटकों को उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने बताया कि पलामू किला नाका के समीप देशी व्यंजनों की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे पर्यटकों को जंगल और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के साथ स्थानीय खान-पान और ग्रामीण संस्कृति का अनुभव मिलेगा। वन विभाग की इन पहलों का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं को बेहतर करने के साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और ग्रामीणों को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ना है। मौके पर भाजपा प्रखंड अध्यक्ष मनोज प्रसाद, सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी समेत वनपाल, वनकर्मी और अन्य लोग मौजूद थे। तीन माह के लंबे इंतजार के बाद पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के अंतर्गत बेतला नेशनल पार्क गुरुवार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। नए पर्यटन सत्र की शुरुआत पर पार्क परिसर में उत्साह का माहौल रहा। चतरा सांसद कालीचरण सिंह, पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेशकांत जैना, बेतला रेंजर उमेश कुमार दुबे, अजय टोप्पो और प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी ने फीता काटकर पर्यटकों के लिए पार्क में प्रवेश की शुरुआत की। इससे पहले पूजा-अर्चना की गई। हर वर्ष मानसून के दौरान वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बेतला नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए बंद रहता है। तीन माह बाद पार्क खुलते ही बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। खुले जंगल सफारी वाहनों से पर्यटकों ने जंगल का भ्रमण किया और प्राकृतिक सुंदरता व वन्यजीवों का आनंद लिया। गाइड और चालक रहेंगे यूनिफॉर्म में नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। पार्क क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और गश्ती व्यवस्था बढ़ाई गई है। सफारी वाहनों के चालक और गाइड यूनिफॉर्म में रहेंगे। जंगल के अंदर पर्यटकों के वाहन से उतरने और वन्यजीवों को परेशान करने पर रोक रहेगी। सांसद बोले- बेतला आएं, जल्द दिख सकते हैं बाघ सांसद कालीचरण सिंह ने पर्यटकों से अधिक से अधिक संख्या में बेतला नेशनल पार्क पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेतला की मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यहां आने वाले लोग जंगल सफारी के साथ प्रकृति और वन्यजीवन का आनंद उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द बेतला नेशनल पार्क में बाघ, बाघिन लाने जाएंगे। बाघों के आने से बेतला में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देशभर से आने वाले पर्यटकों के आकर्षण में भी वृद्धि होगी। बेतला नेशनल पार्क के विकास के लिए सरकार और वन विभाग के साथ मिलकर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए जहां भी जरूरत होगी, वहां सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। देशी व्यंजनों और महुआ टपरी बढ़ाएंगे आकर्षण पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर पीके जैना ने बताया कि पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों से जोड़ने के लिए पार्क परिसर में स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पाद और स्मृति चिह्न उपलब्ध होंगे। इसके अलावा महुआ टपरी की शुरुआत की जाएगी, जहां फूड ग्रेड महुआ से तैयार चाय सहित महुआ के विभिन्न उत्पाद पर्यटकों को उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने बताया कि पलामू किला नाका के समीप देशी व्यंजनों की भी व्यवस्था की जाएगी। इससे पर्यटकों को जंगल और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण के साथ स्थानीय खान-पान और ग्रामीण संस्कृति का अनुभव मिलेगा। वन विभाग की इन पहलों का उद्देश्य पर्यटन सुविधाओं को बेहतर करने के साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और ग्रामीणों को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ना है। मौके पर भाजपा प्रखंड अध्यक्ष मनोज प्रसाद, सांसद प्रतिनिधि दीपक तिवारी समेत वनपाल, वनकर्मी और अन्य लोग मौजूद थे।

