KC Venugopal ने FCRA Bill की जल्दबाजी में जांच पर जताई चिंता, Speaker Om Birla को लिखा पत्र

KC Venugopal ने FCRA Bill की जल्दबाजी में जांच पर जताई चिंता, Speaker Om Birla को लिखा पत्र

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर ‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल’ की जांच कर रही जॉइंट पार्लियामेंट्री कमिटी की ‘जल्दबाजी वाली कार्यवाही’ पर चिंता जताई। उन्होंने स्पीकर से मामले में दखल देने का आग्रह करते हुए कहा कि अगर इसे शीतकालीन सत्र में जल्दबाजी में पास किया गया, तो संसदीय जांच सिर्फ़ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

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बिरला को लिखे पत्र में वेणुगोपाल ने कहा कि उन्हें पता चला है कि प्रभावित स्टेकहोल्डर्स (हितधारकों) के साथ सार्थक बातचीत किए बिना ही इस बिल को जल्दबाजी में पास कराने की योजना है। उन्होंने कहा कि पता चला है कि स्टेकहोल्डर्स के साथ कोई सार्थक बातचीत नहीं हो रही है और आने वाले शीतकालीन सत्र में इस बिल को जल्दबाजी में पास कराने की योजना है। उन्होंने लिखा कि अगर ऐसा होता है, तो जिस मकसद से सदन ने बिल को कमिटी के पास भेजा था, वह मकसद ही खत्म हो जाएगा और एक अहम संसदीय प्रक्रिया सिर्फ़ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

पब्लिक अकाउंट्स कमिटी (PAC) के चेयरमैन वेणुगोपाल ने स्पीकर से अपील की कि वे यह पक्का करें कि JPC एक पब्लिक नोटिस के ज़रिए लिखित मेमोरेंडम मंगाए और सभी प्रभावित स्टेकहोल्डर्स से ज़ुबानी गवाही सुने। उन्होंने इस काम के लिए पर्याप्त समय की भी मांग की, जिसमें ज़रूरत पड़ने पर कमिटी की रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा बढ़ाना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को हर क्लॉज़ पर विस्तार से चर्चा करने का पूरा मौका मिलना चाहिए और बिल को सदन में तभी पेश किया जाना चाहिए जब कमिटी उसकी पूरी तरह से जांच कर ले।

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यह पत्र DMK के राज्यसभा सांसद पी. विल्सन द्वारा बिल पर सुझाव देने के लिए जनता को दिए गए सात दिन के समय पर सवाल उठाने के कुछ दिनों बाद आया है। मंगलवार को कमेटी के चेयरमैन संजय जायसवाल को लिखे एक पत्र में, विल्सन ने जवाब देने के लिए कम से कम चार हफ़्ते का समय मांगा। लोकसभा सचिवालय ने सोमवार को कमेटी की ओर से एक बयान जारी कर बिल की खास धाराओं पर राय और सुझाव मांगे। विल्सन ने कहा कि इस प्रक्रिया में साफ़ तौर पर आपत्तियां भी मांगी जानी चाहिए।

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