Basal Cell Carcinoma: त्वचा पर ऐसा घाव जो बार-बार ठीक होकर फिर हो जाए? मेयो क्लिनिक ने बताया हो सकता है Skin Cancer का संकेत

Basal Cell Carcinoma: त्वचा पर ऐसा घाव जो बार-बार ठीक होकर फिर हो जाए? मेयो क्लिनिक ने बताया हो सकता है Skin Cancer का संकेत

Basal Cell Carcinoma Cause: कई बार हमारे चेहरे, गर्दन या हाथ पर कोई छोटा सा पिंपल, लाल धब्बा या घाव निकल आता है। हम इसे अक्सर सामान्य चोट, मच्छर का काटना या स्किन एलर्जी मानकर कोई क्रीम लगा लेते हैं। कुछ दिनों में यह घाव थोड़ा ठीक सा लगने लगता है, लेकिन कुछ ही समय बाद यह फिर से उभर आता है और इसमें से हल्का खून या पपड़ी निकलने लगती है। अगर आपकी त्वचा पर भी कोई ऐसा घाव है जो महीनों से ठीक नहीं हो रहा या बार-बार ठीक होकर फिर से उभर आता है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। मेडिकल साइंस में यह त्वचा के कैंसर (Skin Cancer) का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह लक्षण बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal Cell Carcinoma – BCC) का सबसे आम पहचान है। आइए जानते हैं कि बेसल सेल कार्सिनोमा क्या है, इसके क्या लक्षण हैं और इसका सही इलाज कैसे संभव है।

बेसल सेल कार्सिनोमा (BCC) क्या होता है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, बेसल सेल कार्सिनोमा दुनिया भर में होने वाला सबसे आम स्किन कैंसर है। हमारी त्वचा की सबसे ऊपरी परत (Epidermis) के निचले हिस्से में बेसल कोशिकाएं (Basal Cells) होती हैं। इनका काम पुरानी कोशिकाओं के झड़ने पर नई त्वचा बनाना होता है। जब सूरज की पराबैंगनी किरणों (UV Rays) के संपर्क में आने से इन बेसल कोशिकाओं के डीएनए (DNA) को नुकसान पहुंचता है, तो वे असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। इससे त्वचा पर छोटा सा ट्यूमर या घाव बनने लगता है। अच्छी बात यह है कि यह कैंसर शरीर के दूसरे अंगों में बहुत धीरे-धीरे फैलता है, लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह आसपास की त्वचा और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है।

इसके मुख्य लक्षण क्या दिखाई देते हैं?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, बेसल सेल कार्सिनोमा आमतौर पर शरीर के उन हिस्सों पर ज्यादा होता है जो धूप के सीधे संपर्क में आते हैं, जैसे चेहरा, गर्दन, कान, माथा और हाथ। इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैंच

  • बार-बार ठीक होने वाला घाव।
  • मोती जैसा चमकीला बंप (Pearly Bump)।
  • गुलाबी या लाल चपटा धब्बा।
  • हल्का खून आना या खुजली होना।
  • मोम जैसी सख्त त्वचा।

यह समस्या क्यों होती है और किसे है ज्यादा खतरा?

  • सूरज की पराबैंगनी किरणें (UV Rays)।
  • गोरी रंगत (Fair Skin)।
  • 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है क्योंकि सालों तक धूप का असर जमा होता रहता है। हालांकि, आजकल युवा भी इसका शिकार हो रहे हैं।
  • कमजोर इम्यून सिस्टम।
  • पारिवारिक इतिहास।

डॉक्टर इसकी जांच और पुष्टि कैसे करते हैं?

अगर आपकी त्वचा पर कोई घाव 3 से 4 हफ्तों में अपने आप ठीक नहीं हो रहा है, तो आपको तुरंत किसी डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) को दिखाना चाहिए। डॉक्टर संदिग्ध घाव के एक छोटे से हिस्से को सुन्न करके निकाल लेते हैं और लैब में जांच के लिए भेजते हैं। इस जांच से 100% साफ हो जाता है कि यह बेसल सेल कार्सिनोमा है या कोई साधारण स्किन प्रॉब्लम।

बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतें?

  • धूप में निकलने से 20 मिनट पहले कम से कम SPF 30 वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं।
  • सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में जाने से बचें।
  • पूरी कवरेज वाले कपड़े पहनें।
  • त्वचा की खुद जांच करें।

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