अयोध्या जिले के गोरखपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रौनाही टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान मानकों के अनुरूप नहीं मिलने पर एआरटीओ परिवर्तन ने दिल्ली जा रही एक निजी बस को सीज कर दिया। बस में सवार करीब 60 यात्रियों को हाईवे पर उतार दिया गया। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। यात्रियों को घंटों इंतजार करने के बाद दूसरी बस से दिल्ली के लिए रवाना होना पड़ा। इस घटना का फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, बीती रात सीकर से बिहार होते हुए दिल्ली जा रही एक निजी बस को एआरटीओ परिवर्तन अयोध्या गुलाबचंद ने रौनाही टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान रोक लिया। जांच में बस के कागजात और निर्धारित मानकों में कई कमियां मिलीं। इसके बाद अधिकारियों ने बस को कब्जे में लेकर सीज करने की कार्रवाई की। बस में सवार यात्रियों को बीच रास्ते में ही नीचे उतरना पड़ा। काफी देर तक इंतजार करने के बाद यात्रियों के लिए दूसरी बस की व्यवस्था हुई, जिसके बाद वे अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सके। एआरटीओ परिवर्तन गुलाबचंद ने बताया कि जांच के दौरान बस का परमिट समाप्त मिला। इसके अलावा वाहन का टैक्स भी जमा नहीं था। बस में आपातकालीन खिड़की और अग्निशमन संबंधी व्यवस्था भी नहीं पाई गई। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों में कमी और आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण बस के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि यात्री वाहनों की जांच के लिए तीन दिनों से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली करीब 30 बसों का चालान किया गया है, जबकि एक बस को सीज किया गया है। एआरटीओ के मुताबिक, अभियान के तहत बसों के परमिट, टैक्स, जरूरी कागजात और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। जिन बस संचालकों के वाहन निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।

