कांग्रेस शिष्टमंडल ने जर्जर आंबेडकर कॉलोनी का जायजा लिया:पूर्व विधायक शकील अहमद खान बोले- लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित

कांग्रेस शिष्टमंडल ने जर्जर आंबेडकर कॉलोनी का जायजा लिया:पूर्व विधायक शकील अहमद खान बोले- लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित

कटिहार शहर की हरिजन आंबेडकर कॉलोनी की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस के एक शिष्टमंडल ने गुरुवार को कॉलोनी का जायजा लिया। शिष्टमंडल का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शकील अहमद खान ने किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें कॉलोनी की समस्याओं से अवगत कराया। बताया गया कि वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल में बनाई गई इस कॉलोनी में करीब 170 से अधिक घर हैं। वर्तमान में अधिकांश मकान जर्जर हालत में हैं। कई मकानों की छत और दीवारें टूट रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने मकानों की मरम्मत कराने की मांग की। नाला और पक्की सड़क बनवाने की मांग स्थानीय महिला गीता देवी ने बताया कि सरकार की ओर से मकान तो मिला, लेकिन उसकी छत टूटकर गिर रही है। बारिश के दिनों में परिवार को काफी परेशानी होती है और बच्चों को घर में सुलाना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वहीं, अशोक रावत ने बताया कि मकान की दीवार भी जर्जर है और कभी भी गिर सकती है। उन्होंने कॉलोनी में नाला और पक्की सड़क बनवाने की मांग की। कॉलोनी के प्राथमिक विद्यालय में भी पेयजल की समस्या है। नल-जल योजना की पाइपलाइन पहुंची है, लेकिन पानी के लिए लगाए गए नल क्षतिग्रस्त हैं। व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की सामुदायिक भवन की हालत भी खराब है और शौचालय में गंदगी का अंबार लगा है। डॉ. शकील अहमद खान ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की स्थिति चिंताजनक है। कॉलोनी में स्कूल, सामुदायिक भवन, सड़क, नाला और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति दयनीय है। उन्होंने सरकार से जर्जर मकानों की मरम्मत कराने तथा पेयजल, सड़क, नाला और स्वच्छता की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महादलित बस्तियों के विकास को लेकर केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर काम होना चाहिए। कटिहार शहर की हरिजन आंबेडकर कॉलोनी की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस के एक शिष्टमंडल ने गुरुवार को कॉलोनी का जायजा लिया। शिष्टमंडल का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक डॉ. शकील अहमद खान ने किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें कॉलोनी की समस्याओं से अवगत कराया। बताया गया कि वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के कार्यकाल में बनाई गई इस कॉलोनी में करीब 170 से अधिक घर हैं। वर्तमान में अधिकांश मकान जर्जर हालत में हैं। कई मकानों की छत और दीवारें टूट रही हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने मकानों की मरम्मत कराने की मांग की। नाला और पक्की सड़क बनवाने की मांग स्थानीय महिला गीता देवी ने बताया कि सरकार की ओर से मकान तो मिला, लेकिन उसकी छत टूटकर गिर रही है। बारिश के दिनों में परिवार को काफी परेशानी होती है और बच्चों को घर में सुलाना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वहीं, अशोक रावत ने बताया कि मकान की दीवार भी जर्जर है और कभी भी गिर सकती है। उन्होंने कॉलोनी में नाला और पक्की सड़क बनवाने की मांग की। कॉलोनी के प्राथमिक विद्यालय में भी पेयजल की समस्या है। नल-जल योजना की पाइपलाइन पहुंची है, लेकिन पानी के लिए लगाए गए नल क्षतिग्रस्त हैं। व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की सामुदायिक भवन की हालत भी खराब है और शौचालय में गंदगी का अंबार लगा है। डॉ. शकील अहमद खान ने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की स्थिति चिंताजनक है। कॉलोनी में स्कूल, सामुदायिक भवन, सड़क, नाला और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति दयनीय है। उन्होंने सरकार से जर्जर मकानों की मरम्मत कराने तथा पेयजल, सड़क, नाला और स्वच्छता की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि महादलित बस्तियों के विकास को लेकर केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर काम होना चाहिए।  

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