खगड़िया में एक बार फिर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मां गंगा एक बार फिर लौट आई हैं और निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। पिछले दो दिनों से गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। पानी बढ़ने के साथ ही परबत्ता प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। वहीं प्रखंड की करीब दस पंचायतों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने परबत्ता प्रखंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी के फैलाव की स्थिति का जायजा लिया और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान जरूरत वाले स्थानों पर बालू भरे बोरे समेत आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान परबत्ता प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार, अंचल अधिकारी हरिनाथ राम और गोगरी डीसीएलआर राज कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली तथा जलस्तर और पानी के फैलाव पर नजर रखने को कहा। निचले इलाकों में पानी का फैलाव शुरू अंचल अधिकारी हरिनाथ राम ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने कहा, “हम लोग लगे हुए हैं। जहां भी जो जरूरत होगी, वह उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल भरतखंड-सौढ़ उत्तरी पंचायत में एक नाव की व्यवस्था की गई है। जहां भी जरूरत होगी, वहां नाव उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल गंगा के जलस्तर में काफी तेजी से वृद्धि हो रही है।”
गोगरी प्रखंड के भी कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को आशंका है कि यदि इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा तो आने वाले समय में कई और निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर सकता है। गांवों में लोग जलस्तर पर नजर बनाए प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में नाव समेत अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जलस्तर में होने वाले बदलाव के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल गंगा और बूढ़ी गंडक के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर परबत्ता के लोगों को पिछले बाढ़ के दिनों की याद दिला दी है। नदी किनारे बसे गांवों में लोग जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन की गतिविधियों पर भी निगाह रख रहे हैं। खगड़िया में एक बार फिर गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मां गंगा एक बार फिर लौट आई हैं और निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। पिछले दो दिनों से गंगा और बूढ़ी गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है। पानी बढ़ने के साथ ही परबत्ता प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। वहीं प्रखंड की करीब दस पंचायतों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने परबत्ता प्रखंड के विभिन्न बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी के फैलाव की स्थिति का जायजा लिया और संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान जरूरत वाले स्थानों पर बालू भरे बोरे समेत आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान परबत्ता प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष कुमार, अंचल अधिकारी हरिनाथ राम और गोगरी डीसीएलआर राज कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी जानकारी ली तथा जलस्तर और पानी के फैलाव पर नजर रखने को कहा। निचले इलाकों में पानी का फैलाव शुरू अंचल अधिकारी हरिनाथ राम ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने कहा, “हम लोग लगे हुए हैं। जहां भी जो जरूरत होगी, वह उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल भरतखंड-सौढ़ उत्तरी पंचायत में एक नाव की व्यवस्था की गई है। जहां भी जरूरत होगी, वहां नाव उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल गंगा के जलस्तर में काफी तेजी से वृद्धि हो रही है।”
गोगरी प्रखंड के भी कुछ हिस्सों में बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के कारण नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी का फैलाव शुरू हो गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। लोगों को आशंका है कि यदि इसी रफ्तार से जलस्तर बढ़ता रहा तो आने वाले समय में कई और निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर सकता है। गांवों में लोग जलस्तर पर नजर बनाए प्रशासन की ओर से संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में नाव समेत अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जलस्तर में होने वाले बदलाव के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल गंगा और बूढ़ी गंडक के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर परबत्ता के लोगों को पिछले बाढ़ के दिनों की याद दिला दी है। नदी किनारे बसे गांवों में लोग जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन की गतिविधियों पर भी निगाह रख रहे हैं।

