छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के राजिम नगर पालिका के वार्ड नंबर 1 में 35 से ज्यादा मजदूर परिवार पिछले 40 साल से श्मशान भूमि पर रह रहे हैं। उन्हें जमीन का पट्टा नहीं मिल पाया है, जिससे वे आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। हाल ही में आई बाढ़ में उनके कच्चे मकान और घरेलू सामान बर्बाद हो गए। इससे नाराज होकर इन परिवारों ने पहले नेशनल हाईवे 130C जाम किया और फिर राजिम विधायक रोहित साहू के आवास का घेराव किया। विधायक आवास पर प्रदर्शन के दौरान लोगों ने उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश की। इस दौरान सुरक्षा जवानों और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई। सुरक्षा जवानों ने किसी तरह विधायक की गाड़ी को वहां से आगे निकलवाया। प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या ज्यादा थी। महिलाओं ने बताया कि वे पिछले 10 साल से पट्टे की मांग कर रही हैं। पहले कांग्रेस सरकार और अब भाजपा सरकार के प्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। वार्ड नंबर 1 के ये परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। 10 साल से पट्टे की मांग प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 साल से जमीन का पट्टा देने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार मिल चुके हैं। लोगों का आरोप है कि पहले कांग्रेस सरकार के प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया, लेकिन अब भाजपा सरकार के प्रतिनिधि भी सिर्फ आश्वासन देकर मामले को आगे बढ़ा रहे हैं। वार्ड में रहने वाले ज्यादातर परिवार मजदूर वर्ग से हैं। पट्टा नहीं होने के कारण उन्हें सरकारी आवास जैसी योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। बारिश में घर डूबे तो बढ़ा गुस्सा करीब चार दिन पहले राजिम का वार्ड नंबर 1 जलमग्न हो गया था। गलियों में 6 से 7 फीट तक पानी भर गया था। पक्के मकानों में रहने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन कच्चे मकानों में रहने वाले मजदूर परिवारों के घर और घरेलू सामान पानी में खराब हो गए। इसके बाद एक दिन पहले वार्डवासियों ने अपनी मांगों को लेकर नेशनल हाईवे-130 सी जाम कर दिया था। सूचना मिलने पर एसीएम विशाल महाराणा मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया था। हालांकि, अगले ही दिन लोगों का गुस्सा फिर बढ़ गया और उन्होंने विधायक आवास पहुंचकर घेराव कर दिया। विधायक बोले- रिकॉर्ड में श्मशान घाट की जमीन राजिम विधायक रोहित साहू ने कहा कि वार्ड नंबर 1 में रह रहे लोगों की पट्टे की मांग काफी पुरानी है। सरकार बनने के बाद जमीन का सर्वे और आंकलन कराया गया था। इसमें जमीन श्मशान घाट मद में दर्ज मिली है। इसी वजह से पट्टा देने की प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है। विधायक ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से लगातार नियमानुसार कार्रवाई करने के लिए कहा है। उन्होंने वार्डवासियों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह घेराव करना उचित नहीं है।

