यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स पर फूटा अभिनेत्री राधिका शरद कुमार का गुस्सा, बोलीं- उन्हें लगता है कि वो कुछ भी बोल सकते हैं

यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स पर फूटा अभिनेत्री राधिका शरद कुमार का गुस्सा, बोलीं- उन्हें लगता है कि वो कुछ भी बोल सकते हैं

Radhika Sarathkumar On Youtubers: दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और निर्माता राधिका शरद कुमार ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स के कंटेंट को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के साथ कुछ कंटेंट क्रिएटर्स फिल्मों, कलाकारों और उनके परिवारों पर बिना किसी जवाबदेही के तीखी टिप्पणियां करते हैं। राधिका ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और शिकायतों के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत बताई है।

‘इन्हें लगता है कोई सवाल नहीं करेगा’

राधिका शरद कुमार ने यह बात टेलीविजन ओटीटी प्रोड्यूसर्स काउंसिल ऑफ साउथ (TOPCOS) के लॉन्च के बाद कही। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया के विस्तार के बाद कुछ इंफ्लुएंसर्स और ऑनलाइन रिव्यू करने वालों के लिए फिल्मों, कलाकारों, महिलाओं और उनके परिवारों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करना आसान हो गया है।

राधिका के मुताबिक, ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स को यह भरोसा रहता है कि उनसे सवाल करने या उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यह समस्या केवल मनोरंजन उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑनलाइन कंटेंट की पहुंच बढ़ने के साथ इसका दायरा भी बढ़ा है।

फिल्म रिव्यू को लेकर भी उठाए सवाल

अभिनेत्री ने फिल्मों के रिव्यू और सोशल मीडिया पर बनने वाली राय को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि कई बार किसी फिल्म की सामग्री अच्छी होने के बावजूद उसके बारे में नकारात्मक राय फैलने लगती है।

राधिका ने दावा किया कि कुछ मामलों में फिल्मों को खराब बताने वाले रिव्यू कथित तौर पर जानबूझकर फैलाए जाते हैं, जिससे फिल्म के प्रति दर्शकों की धारणा प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इसे परेशान करने वाली स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म रिव्यू अब किसी एक व्यक्ति या समूह तक सीमित मामला नहीं रह गया है और डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण यह एक व्यापक मुद्दा बन चुका है।

स्मार्टफोन और इंटरनेट की आसान पहुंच भी वजह

राधिका ने सोशल मीडिया कंटेंट के तेजी से बढ़ने के पीछे स्मार्टफोन और इंटरनेट की आसान उपलब्धता को भी एक कारण बताया। उनके अनुसार, आज बड़ी संख्या में लोग आसानी से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और यूट्यूब पर अपनी राय साझा कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर वह पहले भी तमिल कुमारन के सामने अपनी बात रख चुकी हैं और शिकायतों से निपटने के लिए मजबूत व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया है।

TOPCOS का हुआ लॉन्च

राधिका की ये टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब उन्होंने TOPCOS की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई है। इस संगठन का उद्देश्य तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ मनोरंजन उद्योगों के टेलीविजन और ओटीटी निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाना है।

संगठन के जरिए दक्षिण भारतीय टेलीविजन और ओटीटी क्षेत्र से जुड़े निर्माताओं के बीच सहयोग और समन्वय बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। वहीं राधिका के बयान ने डिजिटल रिव्यू, इंफ्लुएंसर कंटेंट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी को लेकर चल रही बहस को भी सामने ला दिया है।

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