Lacerations Cause: घर में रसोइ घर में काम करते वक्त चाकू से हाथ कट जाना, कांच का कोई बर्तन टूटकर लग जाना, या चलते-फिरते अचानक गिरकर छिल जाना बहुत ही आम बात है। कई बार ये कट इतने हल्के होते हैं कि एक छोटी सी बैंडेज लगाने से ही ठीक हो जाते हैं। जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के मुताबिक, कई बार कट इतना गहरा या खतरनाक होता है कि जरा सी लापरवाही से संक्रमण (इन्फेक्शन), नसों को नुकसान या बहुत ज्यादा खून बहने की नौबत आ जाती है। त्वचा के इस तरह फटने या कट जाने को लेस्रेशन (Laceration) कहा जाता है। अक्सर लोग घबराहट में समझ नहीं पाते कि चोट का इलाज घर पर ही घरेलू प्राथमिक उपचार (First Aid) से हो जाएगा या मरीज को तुरंत अस्पताल या डॉक्टर के पास ले जाने की जरूरत है। आइए समझते हैं कि मामूली और गंभीर कट में क्या अंतर होता है, घर पर सही देखभाल कैसे करें और डॉक्टर के पास जाने का सही समय क्या है।
घर पर संभलने वाले कट कौन-से होते हैं?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर चोट बहुत गहरी नहीं है और नीचे दिए गए लक्षण दिख रहे हैं, तो आप उसका इलाज घर पर ही कर सकते हैं;
- कट केवल त्वचा की ऊपरी परत पर हो और घाव के किनारे आपस में जुड़े दिख रहे हों।
- साफ कपड़े या रुई से 5 से 10 मिनट तक हल्का दबाव बनाने पर खून बहना अपने आप रुक जाए।
- कट किसी साफ चाकू, कागज या साफ चीज से लगा हो और उसमें धूल-मिट्टी या कांच के टुकड़े न फंसे हों।
- घाव चेहरे, आंखों या उंगलियों के जोड़ों पर न होकर हाथ-पैर के ऐसे हिस्से पर हो जो ज्यादा हिलता-डुलता न हो।
घर पर कट का प्राथमिक उपचार (First Aid) कैसे करें?
अगर कट हल्का है और आप उसे घर पर ही संभाल रहे हैं, तो इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें;
- घाव को छूने से पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
- साफ कपड़े, कॉटन या पट्टी से घाव को सीधा दबाकर रखें। 5 से 10 मिनट तक बिना पट्टी हटाए लगातार दबाव बनाएं।
- खून रुकने के बाद घाव को नल के बहते साफ पानी और हल्के साबुन से धोएं।
- अंदर फंसी मिट्टी या गंदगी को धीरे से साफ करें।
- तेज एंटीसेप्टिक या एल्कोहल लगाने से बचें, इससे त्वचा में जलन हो सकती है।
- घाव पर कोई पेट्रोलियम जेली या एंटीबायोटिक मलम लगाएं और ऊपर से साफ बैंडेज या पट्टियां लगा दें।
- बैंडेज को रोज बदलें।
कब बिना देर किए तुरंत जाना चाहिए डॉक्टर के पास?
कई बार कट दिखने में छोटा लगता है लेकिन अंदरूनी अंगों या नसों को नुकसान पहुंचा चुका होता है। अगर आपको इनमें से कोई भी स्थिति दिखे, तो तुरंत डॉक्टर या इमरजेंसी में जाएं;
- अगर 10 से 15 मिनट तक कपड़ा दबाकर रखने के बाद भी खून का बहना बंद न हो।
- कट गहरा और चौड़ा हो।
- घाव किसी गंदे औजार, जंग लगे लोहे, जानवरों के काटने या कांच के टुकड़ों से बना हो।
- कट चेहरे, आंख के पास, होंठ, या गर्दन पर हो।
- कट वाले हिस्से के आसपास की जगह सुन्न पड़ गई हो।
इन्फेक्शन के लक्षणों को पहचानें
चोट लगने के कुछ दिनों बाद भी इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है। अगर कट वाली जगह के आसपास की त्वचा बहुत लाल पड़ जाए, वहां सूजन और तेज दर्द होने लगे, घाव गर्म महसूस हो, या उससे पीला-हरा मवाद (Pus) निकलने लगे, तो इसे अनदेखा न करें। इसके अलावा अगर चोट लगने के बाद मरीज को बुखार आ जाए, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

