गोरखपुर में पेंशनरों ने किया जोरदार प्रदर्शन:12 मांगों को लेकर धरना, बोले- अब नहीं सुनी गई बात तो और तेज होगा आंदोलन

गोरखपुर में पेंशनरों ने किया जोरदार प्रदर्शन:12 मांगों को लेकर धरना, बोले- अब नहीं सुनी गई बात तो और तेज होगा आंदोलन

गोरखपुर में सेवानिवृत कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले मंगलवार को नगर निगम स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में बड़ी संख्या में पेंशनरों ने धरना दिया। सुबह से ही पेंशनर पार्क में जुटने लगे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की। धरना खत्म होने के बाद पेंशनरों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन जिला प्रशासन के जरिए नायब तहसीलदार अन्नू सिंह को सौंपा और मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की। मजबूरी में सड़क पर उतरे पेंशनर धरने की अध्यक्षता आईसीपीएन सिंह ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री नरसिंह प्रसाद सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को अपनी 12 मांगों के लिए मजबूरी में सड़क पर उतरना पड़ रहा है। कई बार सरकार को ज्ञापन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने बताया कि नए नियमों में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनरों की समस्याओं को शामिल नहीं किया गया है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है। लंबे समय से लंबित हैं ये मांगें पेंशनरों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को फिर से लागू करने, कोरोना काल के 18 महीने के डीए और डीआर का भुगतान करने, पेंशन से होने वाली कटौती को 10 साल बाद बंद करने और पेंशन में सुधार करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि ये मांगें कई सालों से लंबित हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है, जिससे पेंशनरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। पेंशन बढ़ाने और सुविधाएं बहाल करने की मांग धरने में वक्ताओं ने कहा कि 65 साल की उम्र के बाद हर 5 साल पर पेंशन में 5% बढ़ोतरी की जाए, ताकि महंगाई में राहत मिल सके। इसके साथ ही वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन के किराए में मिलने वाली 50% छूट को फिर से शुरू करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई, जो कोरोना काल के बाद बंद कर दी गई थी। डीए जोड़कर पेंशन बढ़ाने की मांग
संरक्षक उमाशंकर आर्य और मुख्य सलाहकार ए.के. सैनी ने कहा कि वेतन आयोग की रिपोर्ट में देरी हो रही है, इसलिए सरकार को 50% डीए को वेतन में जोड़कर पेंशन में बढ़ोतरी करनी चाहिए, ताकि पेंशनरों को तुरंत राहत मिल सके।

“पेंशन हमारा हक है, भीख नहीं”
नगर निगम के सेवानिवृत कर्मचारी नेता रविंद्र कुँवर ने कहा कि पेंशन कोई भीख नहीं, बल्कि कर्मचारियों की पूरी सेवा के बाद मिलने वाला उनका हक है। उन्होंने सरकार से पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की मांग की। आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
जिला अध्यक्ष आईसीपीएन सिंह ने कहा कि 12 सूत्रीय मांगों को लेकर यह संघर्ष लंबे समय से चल रहा है। अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने में इंजीनियर डीपी सिंह, रणवीर सिंह, उग्रसेन सिंह, जय गोविंद यादव, अर्जुन सिंह, कमोद तिवारी समेत कई लोगों ने अपनी बात रखी। अंत में सभा का समापन धन्यवाद के साथ किया गया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से उठाया।

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