उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के चंदौसी विधानसभा क्षेत्र में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मंगलवार को 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर जनसभा की। जनसभा में 15 से 20 हजार लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी। भीड़ को देखते हुए आठ थानों की पुलिस के साथ पीएसी और आरआरएफ के जवानों को तैनात किया गया। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी और एएसपी सुमित सुधाकर रामटेके ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। बोले- रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान दे सरकार जनसभा को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने मस्जिदों के नीचे मंदिर खोजे जाने के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की एकता और भाईचारा कमजोर हो रहा है। उन्होंने सरकार से रोजगार देने, गरीबों की मदद करने और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध रोकने पर ध्यान देने की बात कही। शिक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि बदलाव तब होगा, जब डीएम, विधायक, सांसद, मंत्री, किसान और मजदूर के बच्चे एक ही कक्षा में पढ़ेंगे। उन्होंने एक शिक्षक, एक किताब और एक सिलेबस की व्यवस्था की बात कही। साथ ही सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का दावा किया, ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बराबर अवसर पा सकें। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध कराने का दावा सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर आजाद ने कहा कि लोगों से ज्यादा सरकारी अस्पताल बीमार हैं। उन्होंने अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां, मशीन और सफाई की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौका मिलने पर अस्पतालों में बेहतर डॉक्टर और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराने और जांच मुफ्त कराने की बात कही। सभी डॉक्टरों की अस्पतालों में मौजूदगी सुनिश्चित करने का भी दावा किया। हर साल पुलिस भर्ती और 8 घंटे की ड्यूटी का वादा कानून-व्यवस्था को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने हर साल पुलिस भर्ती निकालने की बात कही। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आठ घंटे की ड्यूटी और साप्ताहिक अवकाश देने का वादा किया। उन्होंने वेतन विसंगतियां दूर करने, बॉर्डर स्कीम खत्म करने और आरक्षी व मुख्य आरक्षी को उनके जिले में तैनाती देने की बात कही। पुलिसकर्मियों से भ्रष्टाचार से दूर रहकर मित्र पुलिस के रूप में काम करने की अपील भी की। गरीब की बेटी की ओर आंख उठाने पर कार्रवाई होगी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आजाद ने एक साल का समय देने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि इस अवधि के बाद यदि किसी गरीब बच्ची के साथ अन्याय हुआ तो वह जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने गरीबों की जमीन पर कब्जा करने और गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही। महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार का दावा आजाद ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए उद्योग-धंधे स्थापित कर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा, ताकि उन्हें किसी के सामने मदद के लिए हाथ न फैलाना पड़े। उन्होंने पढ़े-लिखे युवाओं के लिए भी क्षेत्र में उद्योग लगाने और रोजगार उपलब्ध कराने का दावा किया। कहा कि माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई पर पैसा खर्च किया है, इसलिए उन्हें नौकरी और रोजगार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जामा मस्जिद की सीढ़ियों का जिक्र कर मुस्लिम समाज को दिया संदेश अपने संबोधन में चंद्रशेखर आजाद ने जामा मस्जिद की सीढ़ियों पर खड़े होकर मुस्लिम समाज को दिए अपने संदेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज खुद को अकेला न समझे और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोग उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने शाहीन बाग आंदोलन और सरकार की नीतियों के खिलाफ हुए आंदोलनों का भी जिक्र किया। कहा कि संविधान के लिए संघर्ष करने वालों पर मुकदमे दर्ज हुए, उन्हें जेल भेजा गया, लेकिन वे अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटे। वोट की ताकत का जिक्र किया आजाद ने कहा कि लोगों को अपने अधिकारों से समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि अधिकार मांगने से नहीं मिले, बल्कि उनके लिए संघर्ष करना पड़ा। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान और वोट के अधिकार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के पास ऐसी ताकत है, जिससे वह अपने प्रतिनिधि चुन सकती है। उन्होंने बीबीए, बीसीए, एमसीए और एमबीए जैसे पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कम लागत में कराने की बात कही। किसानों को फसलों का उचित दाम और मजदूरों को समय पर मजदूरी दिलाने का भी दावा किया। बोले- किसी धर्म या जाति के खिलाफ नहीं चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह मानवता या किसी धर्म और जाति के खिलाफ नहीं हैं। उन्होंने सभी धर्मों का सम्मान करने और संविधान में विश्वास रखने की बात कही। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने, भाईचारा बनाए रखने, शिक्षा पर जोर देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की अपील की। अंत में उन्होंने कहा कि वह लोगों के अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों को न्याय व सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

