मिर्जापुर जनपद न्यायालय ने विवाहिता को प्रताड़ित करने के मामले में चार दोषियों को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर पांच-पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर तीन माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामला हलिया थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 25 अप्रैल 2016 को प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र के मडफा कला निवासी परशुराम मिश्र ने हलिया थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री नीरज देवी को ससुराल पक्ष के लोग प्रताड़ित करते थे। उन्होंने बेटी को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने और शव को जला देने का भी आरोप लगाया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने मामले में गवाहों को न्यायालय के समक्ष पेश कर उनकी गवाही कराई। अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। चार दोषियों को सजा अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-01 संतोष कुमार गौतम की अदालत ने मामले में चार आरोपियों को धारा 498ए भादवि के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने सभी को दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। दोषियों में रमाकांत पांडेय पुत्र ठाकुर प्रसाद पांडेय, राकेश कुमार पांडेय, नीलेश पांडेय पुत्रगण रमाकांत पांडेय और नागवंती पत्नी रमाकांत पांडेय शामिल हैं। सभी आरोपी अहुगी कला, थाना हलिया, मिर्जापुर के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार मामले में एडीजीसी सच्चिदानंद तिवारी ने अभियोजन की ओर से पैरवी की। विवेचक निरीक्षक अजय कुमार सिंह, कोर्ट मुहर्रिर मुख्य आरक्षी हवलदार सिंह यादव, आरक्षी वेद प्रकाश यादव और पैरोकार मुख्य आरक्षी आलोक सिंह ने मामले की पैरवी में सहयोग किया।

