पुराने पेंशनरों के लिए उठी आवाज, माती में धरना:कानपुर देहात में 12 सूत्रीय मांगों पर PM-CM के नाम ज्ञापन सौंपा

पुराने पेंशनरों के लिए उठी आवाज, माती में धरना:कानपुर देहात में 12 सूत्रीय मांगों पर PM-CM के नाम ज्ञापन सौंपा

कानपुर देहात में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के दायरे में पुराने पेंशनरों को शामिल करने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन ने माती जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। मंगलवार को करीब 50 से 60 पेंशनर जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। धरने के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गीत, कविताओं और विभिन्न प्रसंगों के जरिए पेंशनरों की समस्याओं को सामने रखा। वक्ताओं ने कहा कि 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को भी इसके दायरे में शामिल किया जाना चाहिए। संगठन ने पुराने पेंशनरों की पेंशन के पुनरीक्षण और अन्य लाभों को वेतन आयोग की सीमा में शामिल करने की मांग की। पांच प्रतिशत पेंशन वृद्धि की मांग ज्ञापन में वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तारीख के आधार पर किए गए कथित विभेद को समाप्त करने की मांग रखी गई। इसके साथ ही वेतन आयोग के गठन और उसके लाभ मिलने में देरी को देखते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत देने तथा अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई बनाए जाने की मांग भी उठाई गई। पेंशनरों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, पेंशन राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में बंद करने और 65 वर्ष की आयु के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन वृद्धि की मांग की। इसके अलावा पेंशन को आयकर से मुक्त करने, कोरोना काल के 18 माह के डीए-डीआर एरियर का भुगतान, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट और आयुष्मान भारत में कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। साथ ही डीए-डीआर 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन-पेंशन में मर्ज करने और वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग उठाई गई। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष लालाराम यादव समेत संगठन के पदाधिकारी और पेंशनर मौजूद रहे।

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