कांग्रेस का आक्रोश मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका

कांग्रेस का आक्रोश मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका

सिटी रिपोर्टर |औरंगाबाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को औरंगाबाद जिला मुख्यालय में आक्रोश मार्च निकाला। कांग्रेस ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।आक्रोश मार्च की शुरुआत अनुग्रह नारायण स्मारक परिसर से हुई। प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा, जिला प्रभारी एवं पूर्व प्रत्याशी राकेश कुमार पप्पू, पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह और प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला था। यहां से मार्च पुरानी जीटी रोड होते हुए रमेश चौक पहुंचा। इसके बाद कार्यकर्ता बाजार की ओर बढ़ते हुए कारगिल चौक पहुंचे और वहां से वापस रमेश चौक लौटे। रमेश चौक पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और SIR की प्रक्रिया के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। नेताओं ने कहा कि मताधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित बदलावों से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेताओं ने बिहार और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न चुनावों का हवाला देते हुए ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग की। सिटी रिपोर्टर |औरंगाबाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को औरंगाबाद जिला मुख्यालय में आक्रोश मार्च निकाला। कांग्रेस ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं।आक्रोश मार्च की शुरुआत अनुग्रह नारायण स्मारक परिसर से हुई। प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद कुमार शर्मा, जिला प्रभारी एवं पूर्व प्रत्याशी राकेश कुमार पप्पू, पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह और प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। कार्यकर्ताओं के हाथों में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला था। यहां से मार्च पुरानी जीटी रोड होते हुए रमेश चौक पहुंचा। इसके बाद कार्यकर्ता बाजार की ओर बढ़ते हुए कारगिल चौक पहुंचे और वहां से वापस रमेश चौक लौटे। रमेश चौक पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और SIR की प्रक्रिया के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। नेताओं ने कहा कि मताधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसी भी पात्र मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित बदलावों से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नेताओं ने बिहार और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न चुनावों का हवाला देते हुए ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग की।  

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