कानपुर देहात में वोटर लिस्ट और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने सोमवार दोपहर करीब 2 बजे प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अकबरपुर पुल के नीचे से तहसील तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की और तहसील गेट के सामने उनका पुतला फूंका। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगाए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’, ‘ज्ञानेश कुमार मुर्दाबाद’ और ‘चुनाव आयोग कहां मिलेगा, बीजेपी के दफ्तर में मिलेगा’ जैसे नारे लगाए। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अम्बरीष सिंह गौर ने कहा कि जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पूरी नहीं होती, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। 14 आपत्तियों वाली रिपोर्ट का दिया हवाला कांग्रेस ने अपने प्रदर्शन के दौरान हाल में सामने आई एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। ये आपत्तियां नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम जोड़ने-हटाने, फॉर्म-6, वोटर डेटाबेस और निर्वाचन संबंधी आईटी व्यवस्था जैसे मुद्दों से जुड़ी थीं। रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने दावा किया कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे हैं। पार्टी ने पूरे मामले की समीक्षा की मांग की। चुनाव आयोग ने कहा- फैसले सर्वसम्मति से लिए गए इन दावों के बीच निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से उठाए गए सवाल और सुझाव निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा थे। आयोग के अनुसार, SIR समेत उसके सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए। इस प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश कटियार, वाजिद कुरैशी, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोरमा संखवार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

