आरोपी की जगह लोजपा (आर) के प्रखंड अध्यक्ष को उठाया:पुलिस ने 20 घंटे थाने में बैठाया, समस्तीपुर में छेड़खानी का मामला; समर्थक आक्रोशित

आरोपी की जगह लोजपा (आर) के प्रखंड अध्यक्ष को उठाया:पुलिस ने 20 घंटे थाने में बैठाया, समस्तीपुर में छेड़खानी का मामला; समर्थक आक्रोशित

बेगूसराय में पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। समस्तीपुर जिले के बिथान थाना की पुलिस ने एक वायरल वीडियो मामले में वांछित आरोपी को पकड़ने में नाकाम रहने पर उसके चचेरे भाई और लोजपा (रा.) के प्रखंड अध्यक्ष पंकज पासवान को उठा लिया। पुलिस पंकज को शनिवार को हिरासत में लेकर गई और करीब 20 घंटे तक थाने में बिठाकर रखा। रविवार शाम करीब चार बजे पुलिस को उन्हें बिना किसी उपलब्धि के छोड़ना पड़ा। पुलिस का मकसद केवल इतना था कि अपने चचेरे भाई को पुलिस की गिरफ्त में देखकर आरोपी लालू कुमार पासवान डरकर सरेंडर कर देगा, लेकिन पुलिस की यह रणनीति पूरी तरह विफल रही। फेसबुक आईडी के आधार पर गिरफ्तारी के लिए गई थी पुलिस पूरे मामले की शुरुआत समस्तीपुर जिले में एक लड़की के साथ हुई छेड़खानी के वायरल वीडियो से हुई। पुलिस को इनपुट मिला था कि आरोपी लालू कुमार पासवान के फेसबुक आईडी से वीडियो वायरल किया गया है। लालू के सोशल मीडिया पर अच्छे-खासे फॉलोअर्स हैं। जिसके कारण समस्तीपुर पुलिस शनिवार सुबह से ही उसकी तलाश में जुट गई। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई की भनक मिलते ही आरोपी लालू कुमार पासवान अपने पूरे परिवार के साथ घर छोड़कर फरार हो गया। जिसके बाद बिथान पुलिस ने स्थानीय बखरी पुलिस के सहयोग से आरोपी के चचेरे भाई पंकज पासवान को उठा लिया।
समर्थकों और स्थानीय लोगों का थाने पर जमावड़ा इधर, लोजपा (रा.) के प्रखंड अध्यक्ष को पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों का थाने पर जमावड़ा शुरू हो गया। समर्थकों ने जब पुलिस से पंकज को हिरासत में रखने का कारण पूछा तो पुलिस अधिकारी गोलमटोल जवाब देते रहे। इसी बीच बखरी डीएसपी कुंदन कुमार थाने पहुंचे और उन्होंने पंकज को बिथान पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वहीं, स्थानीय पुलिस टीम इस मामले को उच्च स्तरीय बताते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती नजर आई। एसपी ने गिरफ्तारी से किया इनकार समस्तीपुर के एसपी ने पंकज पासवान को गिरफ्तार करने की बात से साफ इनकार कर दिया। समस्तीपुर एसपी का कहना था कि मामले की जांच के सिलसिले में सहयोग के लिए पंकज को बिथान लाया गया था। पुलिस के इस दावे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गांव के लोगों ने कड़ा ऐतराज जताया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिस व्यक्ति का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और जो अपनी मर्जी से पुलिस के साथ नहीं जाना चाहता था, उसे देर रात जबरन उठाकर ले जाना किस तरह का सहयोग है। अगर में पूछताछ ही करनी थी, तो उन्हें दिन में भी बुलाया जा सकता था।
एनडीए के कार्यकर्ताओं में गुस्सा इस घटनाक्रम के बाद एनडीए के कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह इलाका राजनीतिक रूप से काफी असरदार माना जाता है। जिस क्षेत्र से पंकज को हिरासत में लिया गया, वहां के स्थानीय विधायक संजय पासवान, बिहार सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री हैं। इसके अलावा जिस थाना की पुलिस पंकज को ले गई, उस क्षेत्र की सांसद शांभवी चौधरी हैं और पड़ोसी खगड़िया जिले से राजेश वर्मा लोजपा के सांसद हैं। कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि इतने प्रमुख राजनीतिक चेहरों के रहते हुए भी पुलिस ने लोजपा प्रखंड अध्यक्ष के साथ बदसलूकी की और 20 घंटे तक बेवजह थाने में बिठाकर रखा।
दोषी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग होगी- मंत्री गन्ना मंत्री संजय पासवान ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और निर्दोष कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। बेगूसराय में पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। समस्तीपुर जिले के बिथान थाना की पुलिस ने एक वायरल वीडियो मामले में वांछित आरोपी को पकड़ने में नाकाम रहने पर उसके चचेरे भाई और लोजपा (रा.) के प्रखंड अध्यक्ष पंकज पासवान को उठा लिया। पुलिस पंकज को शनिवार को हिरासत में लेकर गई और करीब 20 घंटे तक थाने में बिठाकर रखा। रविवार शाम करीब चार बजे पुलिस को उन्हें बिना किसी उपलब्धि के छोड़ना पड़ा। पुलिस का मकसद केवल इतना था कि अपने चचेरे भाई को पुलिस की गिरफ्त में देखकर आरोपी लालू कुमार पासवान डरकर सरेंडर कर देगा, लेकिन पुलिस की यह रणनीति पूरी तरह विफल रही। फेसबुक आईडी के आधार पर गिरफ्तारी के लिए गई थी पुलिस पूरे मामले की शुरुआत समस्तीपुर जिले में एक लड़की के साथ हुई छेड़खानी के वायरल वीडियो से हुई। पुलिस को इनपुट मिला था कि आरोपी लालू कुमार पासवान के फेसबुक आईडी से वीडियो वायरल किया गया है। लालू के सोशल मीडिया पर अच्छे-खासे फॉलोअर्स हैं। जिसके कारण समस्तीपुर पुलिस शनिवार सुबह से ही उसकी तलाश में जुट गई। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई की भनक मिलते ही आरोपी लालू कुमार पासवान अपने पूरे परिवार के साथ घर छोड़कर फरार हो गया। जिसके बाद बिथान पुलिस ने स्थानीय बखरी पुलिस के सहयोग से आरोपी के चचेरे भाई पंकज पासवान को उठा लिया।
समर्थकों और स्थानीय लोगों का थाने पर जमावड़ा इधर, लोजपा (रा.) के प्रखंड अध्यक्ष को पुलिस की ओर से हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों का थाने पर जमावड़ा शुरू हो गया। समर्थकों ने जब पुलिस से पंकज को हिरासत में रखने का कारण पूछा तो पुलिस अधिकारी गोलमटोल जवाब देते रहे। इसी बीच बखरी डीएसपी कुंदन कुमार थाने पहुंचे और उन्होंने पंकज को बिथान पुलिस के सुपुर्द कर दिया। वहीं, स्थानीय पुलिस टीम इस मामले को उच्च स्तरीय बताते हुए अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ती नजर आई। एसपी ने गिरफ्तारी से किया इनकार समस्तीपुर के एसपी ने पंकज पासवान को गिरफ्तार करने की बात से साफ इनकार कर दिया। समस्तीपुर एसपी का कहना था कि मामले की जांच के सिलसिले में सहयोग के लिए पंकज को बिथान लाया गया था। पुलिस के इस दावे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गांव के लोगों ने कड़ा ऐतराज जताया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जिस व्यक्ति का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है और जो अपनी मर्जी से पुलिस के साथ नहीं जाना चाहता था, उसे देर रात जबरन उठाकर ले जाना किस तरह का सहयोग है। अगर में पूछताछ ही करनी थी, तो उन्हें दिन में भी बुलाया जा सकता था।
एनडीए के कार्यकर्ताओं में गुस्सा इस घटनाक्रम के बाद एनडीए के कार्यकर्ताओं में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि यह इलाका राजनीतिक रूप से काफी असरदार माना जाता है। जिस क्षेत्र से पंकज को हिरासत में लिया गया, वहां के स्थानीय विधायक संजय पासवान, बिहार सरकार में गन्ना उद्योग मंत्री हैं। इसके अलावा जिस थाना की पुलिस पंकज को ले गई, उस क्षेत्र की सांसद शांभवी चौधरी हैं और पड़ोसी खगड़िया जिले से राजेश वर्मा लोजपा के सांसद हैं। कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया कि इतने प्रमुख राजनीतिक चेहरों के रहते हुए भी पुलिस ने लोजपा प्रखंड अध्यक्ष के साथ बदसलूकी की और 20 घंटे तक बेवजह थाने में बिठाकर रखा।
दोषी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई की मांग होगी- मंत्री गन्ना मंत्री संजय पासवान ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और निर्दोष कार्यकर्ता के साथ इस तरह का व्यवहार करने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।  

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