हरदोई जनपद में एक झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सोते समय एक जहरीले कोबरा के डसने से 10 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि बच्ची ने खुद अपनी मां को सांप काटने की बात बताई थी। लेकिन शरीर पर कोई निशान न मिलने के कारण परिजनों ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया। जो बाद में जानलेवा साबित हुआ। फिर रविवार की सुबह उसको अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया और उसे 30 एंटी वेनम इंजेक्शन और आधे घंटे तक लगातार सीपीआर दिया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका। छात्रा की मौत दोपहर करीब 1:30 बजे हुई। घटना अरवल थाना क्षेत्र के नुर्रा-बानामऊ गांव की है। पंकज खेती करते हैं। उनकी 10 वर्षीय पुत्री रागिनी कक्षा 5 की छात्रा थी। शनिवार की रात रागिनी अपनी मां सुमन के साथ चारपाई पर सो रही थी। रात करीब 2 बजे सुमन के हाथ पर कुछ रेंगने का अहसास हुआ, जिससे उनकी नींद खुल गई। उन्होंने देखा कि एक जहरीला सांप उनके पास से गुजर रहा था। सुमन ने बताया कि रात में उन्होंने परिजनों के साथ मिलकर उस सांप को मौके पर ही मार डाला था। रागिनी ने उसी दौरान सांप काटने की बात बताई थी, लेकिन उसके शरीर पर किसी तरह का कोई निशान न दिखने के कारण परिजनों ने उसकी बात को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया और सो गए। रविवार सुबह करीब 7 बजे अचानक रागिनी की तबीयत बिगड़ने लगी। उसने परिजनों को बताया कि उसके पेट में तेज दर्द हो रहा है और उसे आंखों से कम दिखाई दे रहा है। परिजन रागिनी को लेकर हरपालपुर सीएचसी पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे 10 एंटी वेनम इंजेक्शन दिए। हालांकि, स्थिति में सुधार न होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे 20 और एंटी वेनम लगाए। करीब आधे घंटे तक लगातार सीपीआर भी दिया। बावजूद इसके, जहर पूरे शरीर में फैल चुका था और इलाज के दौरान रागिनी ने दम तोड़ दिया।

