अनंत से दुश्मनी, पियूष ने नीरज को किया सपोर्ट:जनसुराज नेता ने PK के फैसले का विरोध किया; विधानसभा चुनाव में दुलारचंद की हुई थी हत्या

अनंत से दुश्मनी, पियूष ने नीरज को किया सपोर्ट:जनसुराज नेता ने PK के फैसले का विरोध किया; विधानसभा चुनाव में दुलारचंद की हुई थी हत्या

बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। MLC चुनाव के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला भी राजनीतिक रूप से चर्चा में है। इस सीट से जेडीयू के नीरज कुमार, राजद के दिलीप कुमार और जनसुराज के डॉ. अनुज सिंह मैदान में हैं। वहीं, मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि वह किसी भी हाल में नीरज कुमार को जीतने नहीं देंगे। अब अनंत सिंह के खिलाफ मोकामा से जनसुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके पियूष प्रियदर्शी ने भी पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया है। उन्होंने जनसुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को समर्थन नहीं करने की बात कही है। इस तरह पियूष प्रियदर्शी ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के खिलाफ विरोध का रुख अपना लिया है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा- मैं अनंत सिंह समर्थित जन सुराज उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रहा हूं। मेरा आग्रह है कि प्रत्येक मतदाता अपने विवेक, राजनीतिक मूल्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सोच-समझकर अपने मत का प्रयोग करे। पियूष ने विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ मैदान संभाला था, वही अब MLC चुनाव में जेडीयू के नीरज कुमार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अनंत सिंह के साथ उनका पुराना राजनीतिक टकराव बताया जा रहा है। पियूष ने अब पटना स्नातक MLC चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर अपना रुख सार्वजनिक किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में दुलारचंद यादव हत्याकांड का भी जिक्र किया और कहा कि इस मामले को लेकर उनकी कानूनी लड़ाई जारी है। उन्होंने आगे लिखा- आप सभी को याद होगा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान हमारे काफिले पर हमला हुआ था और हमारे तथा अनंत सिंह के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इस पूरे घटनाक्रम में हमारे अभिभावक तुल्य दुलारचंद यादव जी की हत्या हुई थी। इस मामले में हमारी ओर से अनंत सिंह और उनके सहयोगियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मोकामा के वर्तमान विधायक का राजनीतिक स्वभाव और उनकी कार्यशैली कैसी रही है, यह केवल मैं ही नहीं, बल्कि आप सभी भी भली-भांति जानते हैं। इसके अलावा, हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज हुए और उन्हें जेल जाना पड़ा। इन मामलों को लेकर भी हमारी कानूनी लड़ाई जारी है। अनंत सिंह पीयूष प्रियदर्शी की पुरानी अदावत पियूष प्रियदर्शी मोकामा विधानसभा चुनाव में जनसुराज के टिकट पर अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच टकराव हुआ और चुनाव प्रचार के दौरान ही दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। पियूष ने पटना स्नातक MLC चुनाव की प्रकृति को भी मुद्दा बनाया। अब जानिए मोकामा में दुलारचंद की हत्या की कहानी 30 अक्टूबर को मोकामा टाल में दुलारचंद की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा खुद अनंत सिंह के आवास मोकामा पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया। दुलारचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह गहरे घाव और खून जमने के निशान मिले। फेफड़े (लंग्स) फटे हुए मिले, जिससे अधिक मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई है। छाती की कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं। खासकर दाहिनी ओर रीढ़ की हड्डी (वर्टिब्रा) के पास भी चोटों के निशान मिले। सिर, घुटने, टखने और पीठ पर गहरे जख्म और चोटें पाई गईं। इसी के साथ दाहिने पैर के पास फायरआर्म (गनशॉट) इंजरी का जिक्र, यानी गोली लगने के निशान हैं। दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी को कहा था नाचने वाली दुलारचंद ने हत्या से 2 दिन पहले अनंत सिंह की पत्नी के लिए आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। उन्होंने कहा था, ‘वो नीलम देवी नहीं नीलम खातून है। चुनाव लड़ रही थी तो लोग दरी लेकर दौड़ रहे थे। कह रहे थे कि नाचने वाली आई है। अनंत सिंह ने उसे रख लिया। दोनों की कोई शादी हुई थी? नीलम देवी भूमिहार थोड़े ही है।’ अब जानिए अनंत सिंह नीरज कुमार की क्यों खिलाफ हैं अनंत सिंह ने कहा है कि पटना स्नातक चुनाव में नीरज कुमार को हराने के लिए वो कुछ भी करेंगे। उनके खिलाफ अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाएंगे। अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने मेरे घर एके 47 रखवाई। मुझको जेल भिजवाया। हर बार चुनाव में मुझे हरवाने की कोशिश की। इस मामले में आरसीपी सिंह ने मदद की थी। आरसीपी सिंह नीरज कुमार के गुरु थे। अब उन्हें भी गाली देते हैं। वो किसी को नहीं छोड़ते हैं। नीरज पटना स्नातक क्षेत्र से MLC हैं। फिर चुनाव लड़ने वाले हैं। वहीं अनंत सिंह ने कहा है कि वो नीरज कुमार को हराने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। उनकी जमानत जब्त करा देंगे। 20 करोड़ रुपए की शर्त लगाने की चुनौती अनंत सिंह ने नीरज कुमार को 20 करोड़ रुपए की शर्त लगाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह हार गए तो रकम रख लेंगे और अगर नीरज कुमार हार गए तो वह रकम रख लेंगे। उन्होंने नीरज कुमार को डिबेट की चुनौती भी दी और कहा कि हनुमान मंदिर के पास कुर्सी लगाकर आमने-सामने बहस कर लें। सारा हिसाब कर देंगे। नीरज कुमार के उस बयान पर भी अनंत सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि उनके लिए कोई जमानत लिखने नहीं आएगा। अनंत सिंह ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि नीरज कुमार ने सिर्फ एक बात सही कही है कि उन्हें लिखना-पढ़ना नहीं आता। साथ ही कहा कि नीरज कुमार ने गधे वाले स्कूल से पढ़ाई की है। ‘नीरज कुमार को आज तक किसी पार्टी का टिकट नहीं मिला’ जेडीयू विधायक ने नीरज कुमार के राजनीतिक सफर को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार को आज तक किसी पार्टी का टिकट नहीं मिला है। वहीं, नीतीश कुमार से नीरज कुमार की नजदीकी के सवाल पर अनंत सिंह ने प्रतिक्रिया दी। कहा कि नीतीश कुमार से उनकी नजदीकी ज्यादा है। दावा किया कि उन्होंने नीतीश कुमार को चांदी से तौला था, जबकि नीरज कुमार ने आज तक उन्हें एक अंगूठी तक नहीं दी है। नीरज कुमार बोले- अनंत सिंह मेंटली डिस्टर्ब हो गए हैं अनंत सिंह के आरोपों पर जेडीयू MLC नीरज कुमार ने तीखा जवाब दिया है। नीरज कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘कौन मुझे नेता बनाया है? कब जन्म हुआ है समता पार्टी में अनंत सिंह का? नीतीश कुमार जी के खिलाफ आपत्तिजनक बात बोलने वाला व्यक्ति।’ आगे कहा, उन्होंने और पार्टी ने अनंत सिंह पर दया करते हुए उम्मीदवार बनाया था। अनंत सिंह कभी नीतीश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते थे। नीरज कुमार ने कहा, “हमने तो दया किया, पार्टी ने दया किया कि उनको उम्मीदवार बना दिया।” नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में उन्हें नीतीश कुमार ने जन्म दिया और अब उन्हीं का नमक खाकर उनके खिलाफ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा निशांत कुमार का विरोध करने की है। AK-47 रखने के आरोप पर कहा, ये बेऊर के संत हैं। कभी कहते हैं, आरसीपी सिंह फंसा दिए, कभी ललन सिंह फंसाए, कभी लेसी सिंह ने फंसाया। कितनों ने इन्हें फंसाया है। मैंने कोर्ट में साक्ष्य देने को कहा तो फेल हो गए। अब ये समझिए कि नीरज कुमार के खिलाफ आखिर अनंत सिंह के तेवर इतने तल्ख क्यों है इस सवाल का जवाब जानने के लिए आपको 11 साल पीछे यानी 2015 में लौटना होगा। 24 जून 2015। पुटुस हत्याकांड में पटना के तत्कालीन SSP विकास वैभव ने JDU विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार किया। यह वह दौर था जब नीतीश कुमार और लालू यादव एक हो चुके थे और 5 महीने बाद विधानसभा चुनाव था। नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद अनंत सिंह पहली बार जेल गए थे। अनंत सिंह के करीबी इस कालखंड को उनका सबसे मुश्किल दौर बताते हैं। नवंबर 2015 में विधानसभा चुनाव हुआ तो JDU ने मोकामा सीट से अनंत सिंह को टिकट नहीं दिया। नीरज कुमार को कैंडिडेट बना दिया। अनंत सिंह जेल से ही निर्दलीय चुनाव लड़े और नीरज कुमार को 18,348 वोटों के अंतर से हरा दिया। इस चुनाव में नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर कई व्यक्तिगत हमले किए। 28 अक्टूबर 2015 को चुनाव प्रचार के दौरान नीरज ने कहा था, ‘अनंत सिंह राजनीति के नासूर और आपराधिक गिरोह के सरगना हैं। कानून उनके दरवाजे पर दस्तक दे चुका है, अब वे अपने अंतिम दिन गिन रहे हैं।’ जेल जाने के बाद अनंत सिंह ने JDU से नाता तोड़ लिया। करीब 2 साल बाद नवंबर 2017 में वह जेल से बाहर आए। इसके बाद उनकी नजदीकी RJD से बढ़ी। 2019 लोकसभा चुनाव में अनंत सिंह ने अपनी पत्नी नीलम देवी को मुंगेर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर ललन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़वाया। हार गईं। इसके बाद अनंत सिंह का दूसरा सबसे कठिन समय 2019 लोकसभा चुनाव के बाद आया। अगस्त 2019 में उनके पैतृक आवास लदमा से AK-47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ। इसके बाद उन पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया। इस केस में उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर किया। इस घटना के बाद नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर व्यक्तिगत हमला और तेज कर दिया। उन्होंने उनका नामकरण तक कर दिया। इंटरव्यू में उनको पुदिना सिंह कहकर संबोधित करने लगे। 2025 विधानसभा चुनाव से पहले अनंत सिंह वापस JDU में आ गए। इसको लेकर भी नीरज कुमार ने टिका-टिप्पणी की। पार्टी ने मोकामा से अनंत सिंह को चुनावी मैदान में उतारा तब नीरज कुमार प्रचार करने नहीं गए। उन्होंने कहा, ‘हम आपराधिक चरित्र वाले व्यक्ति के समर्थन में चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।’ चर्चा है यह भी है कि नीरज कुमार की दिली ख्वाहिश है कि वह मोकामा विधानसभा सीट से JDU के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने। चूंकि, नीरज कुमार मोकामा के ही रहने वाले हैं। 7 सितंबर की शाम पटना के JDU कार्यालय में इस विवाद को लेकर बैठक हुई थी। इसमें पार्टी की अंदरुनी लड़ाई को खत्म करने की कोशिश की गई थी। उसके बाद भी अनंत सिंह और जदयू के बीच बयानबाजी होती रही। बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। इन सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। MLC चुनाव के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला भी राजनीतिक रूप से चर्चा में है। इस सीट से जेडीयू के नीरज कुमार, राजद के दिलीप कुमार और जनसुराज के डॉ. अनुज सिंह मैदान में हैं। वहीं, मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि वह किसी भी हाल में नीरज कुमार को जीतने नहीं देंगे। अब अनंत सिंह के खिलाफ मोकामा से जनसुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके पियूष प्रियदर्शी ने भी पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया है। उन्होंने जनसुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को समर्थन नहीं करने की बात कही है। इस तरह पियूष प्रियदर्शी ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के खिलाफ विरोध का रुख अपना लिया है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा- मैं अनंत सिंह समर्थित जन सुराज उम्मीदवार का समर्थन नहीं कर रहा हूं। मेरा आग्रह है कि प्रत्येक मतदाता अपने विवेक, राजनीतिक मूल्यों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सोच-समझकर अपने मत का प्रयोग करे। पियूष ने विधानसभा चुनाव में जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ मैदान संभाला था, वही अब MLC चुनाव में जेडीयू के नीरज कुमार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण अनंत सिंह के साथ उनका पुराना राजनीतिक टकराव बताया जा रहा है। पियूष ने अब पटना स्नातक MLC चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर अपना रुख सार्वजनिक किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में दुलारचंद यादव हत्याकांड का भी जिक्र किया और कहा कि इस मामले को लेकर उनकी कानूनी लड़ाई जारी है। उन्होंने आगे लिखा- आप सभी को याद होगा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान हमारे काफिले पर हमला हुआ था और हमारे तथा अनंत सिंह के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इस पूरे घटनाक्रम में हमारे अभिभावक तुल्य दुलारचंद यादव जी की हत्या हुई थी। इस मामले में हमारी ओर से अनंत सिंह और उनके सहयोगियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मोकामा के वर्तमान विधायक का राजनीतिक स्वभाव और उनकी कार्यशैली कैसी रही है, यह केवल मैं ही नहीं, बल्कि आप सभी भी भली-भांति जानते हैं। इसके अलावा, हमारे सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज हुए और उन्हें जेल जाना पड़ा। इन मामलों को लेकर भी हमारी कानूनी लड़ाई जारी है। अनंत सिंह पीयूष प्रियदर्शी की पुरानी अदावत पियूष प्रियदर्शी मोकामा विधानसभा चुनाव में जनसुराज के टिकट पर अनंत सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच टकराव हुआ और चुनाव प्रचार के दौरान ही दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। पियूष ने पटना स्नातक MLC चुनाव की प्रकृति को भी मुद्दा बनाया। अब जानिए मोकामा में दुलारचंद की हत्या की कहानी 30 अक्टूबर को मोकामा टाल में दुलारचंद की हत्या की गई थी। आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। 1 नवंबर की देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा खुद अनंत सिंह के आवास मोकामा पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया। दुलारचंद की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर कई जगह गहरे घाव और खून जमने के निशान मिले। फेफड़े (लंग्स) फटे हुए मिले, जिससे अधिक मात्रा में इंटरनल ब्लीडिंग हुई है। छाती की कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं। खासकर दाहिनी ओर रीढ़ की हड्डी (वर्टिब्रा) के पास भी चोटों के निशान मिले। सिर, घुटने, टखने और पीठ पर गहरे जख्म और चोटें पाई गईं। इसी के साथ दाहिने पैर के पास फायरआर्म (गनशॉट) इंजरी का जिक्र, यानी गोली लगने के निशान हैं। दुलारचंद ने अनंत सिंह की पत्नी को कहा था नाचने वाली दुलारचंद ने हत्या से 2 दिन पहले अनंत सिंह की पत्नी के लिए आपत्तिजनक बातें कहीं थीं। उन्होंने कहा था, ‘वो नीलम देवी नहीं नीलम खातून है। चुनाव लड़ रही थी तो लोग दरी लेकर दौड़ रहे थे। कह रहे थे कि नाचने वाली आई है। अनंत सिंह ने उसे रख लिया। दोनों की कोई शादी हुई थी? नीलम देवी भूमिहार थोड़े ही है।’ अब जानिए अनंत सिंह नीरज कुमार की क्यों खिलाफ हैं अनंत सिंह ने कहा है कि पटना स्नातक चुनाव में नीरज कुमार को हराने के लिए वो कुछ भी करेंगे। उनके खिलाफ अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाएंगे। अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने मेरे घर एके 47 रखवाई। मुझको जेल भिजवाया। हर बार चुनाव में मुझे हरवाने की कोशिश की। इस मामले में आरसीपी सिंह ने मदद की थी। आरसीपी सिंह नीरज कुमार के गुरु थे। अब उन्हें भी गाली देते हैं। वो किसी को नहीं छोड़ते हैं। नीरज पटना स्नातक क्षेत्र से MLC हैं। फिर चुनाव लड़ने वाले हैं। वहीं अनंत सिंह ने कहा है कि वो नीरज कुमार को हराने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। उनकी जमानत जब्त करा देंगे। 20 करोड़ रुपए की शर्त लगाने की चुनौती अनंत सिंह ने नीरज कुमार को 20 करोड़ रुपए की शर्त लगाने की चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि अगर वह हार गए तो रकम रख लेंगे और अगर नीरज कुमार हार गए तो वह रकम रख लेंगे। उन्होंने नीरज कुमार को डिबेट की चुनौती भी दी और कहा कि हनुमान मंदिर के पास कुर्सी लगाकर आमने-सामने बहस कर लें। सारा हिसाब कर देंगे। नीरज कुमार के उस बयान पर भी अनंत सिंह ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि उनके लिए कोई जमानत लिखने नहीं आएगा। अनंत सिंह ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि नीरज कुमार ने सिर्फ एक बात सही कही है कि उन्हें लिखना-पढ़ना नहीं आता। साथ ही कहा कि नीरज कुमार ने गधे वाले स्कूल से पढ़ाई की है। ‘नीरज कुमार को आज तक किसी पार्टी का टिकट नहीं मिला’ जेडीयू विधायक ने नीरज कुमार के राजनीतिक सफर को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार को आज तक किसी पार्टी का टिकट नहीं मिला है। वहीं, नीतीश कुमार से नीरज कुमार की नजदीकी के सवाल पर अनंत सिंह ने प्रतिक्रिया दी। कहा कि नीतीश कुमार से उनकी नजदीकी ज्यादा है। दावा किया कि उन्होंने नीतीश कुमार को चांदी से तौला था, जबकि नीरज कुमार ने आज तक उन्हें एक अंगूठी तक नहीं दी है। नीरज कुमार बोले- अनंत सिंह मेंटली डिस्टर्ब हो गए हैं अनंत सिंह के आरोपों पर जेडीयू MLC नीरज कुमार ने तीखा जवाब दिया है। नीरज कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘कौन मुझे नेता बनाया है? कब जन्म हुआ है समता पार्टी में अनंत सिंह का? नीतीश कुमार जी के खिलाफ आपत्तिजनक बात बोलने वाला व्यक्ति।’ आगे कहा, उन्होंने और पार्टी ने अनंत सिंह पर दया करते हुए उम्मीदवार बनाया था। अनंत सिंह कभी नीतीश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते थे। नीरज कुमार ने कहा, “हमने तो दया किया, पार्टी ने दया किया कि उनको उम्मीदवार बना दिया।” नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में उन्हें नीतीश कुमार ने जन्म दिया और अब उन्हीं का नमक खाकर उनके खिलाफ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मंशा निशांत कुमार का विरोध करने की है। AK-47 रखने के आरोप पर कहा, ये बेऊर के संत हैं। कभी कहते हैं, आरसीपी सिंह फंसा दिए, कभी ललन सिंह फंसाए, कभी लेसी सिंह ने फंसाया। कितनों ने इन्हें फंसाया है। मैंने कोर्ट में साक्ष्य देने को कहा तो फेल हो गए। अब ये समझिए कि नीरज कुमार के खिलाफ आखिर अनंत सिंह के तेवर इतने तल्ख क्यों है इस सवाल का जवाब जानने के लिए आपको 11 साल पीछे यानी 2015 में लौटना होगा। 24 जून 2015। पुटुस हत्याकांड में पटना के तत्कालीन SSP विकास वैभव ने JDU विधायक अनंत सिंह को गिरफ्तार किया। यह वह दौर था जब नीतीश कुमार और लालू यादव एक हो चुके थे और 5 महीने बाद विधानसभा चुनाव था। नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद अनंत सिंह पहली बार जेल गए थे। अनंत सिंह के करीबी इस कालखंड को उनका सबसे मुश्किल दौर बताते हैं। नवंबर 2015 में विधानसभा चुनाव हुआ तो JDU ने मोकामा सीट से अनंत सिंह को टिकट नहीं दिया। नीरज कुमार को कैंडिडेट बना दिया। अनंत सिंह जेल से ही निर्दलीय चुनाव लड़े और नीरज कुमार को 18,348 वोटों के अंतर से हरा दिया। इस चुनाव में नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर कई व्यक्तिगत हमले किए। 28 अक्टूबर 2015 को चुनाव प्रचार के दौरान नीरज ने कहा था, ‘अनंत सिंह राजनीति के नासूर और आपराधिक गिरोह के सरगना हैं। कानून उनके दरवाजे पर दस्तक दे चुका है, अब वे अपने अंतिम दिन गिन रहे हैं।’ जेल जाने के बाद अनंत सिंह ने JDU से नाता तोड़ लिया। करीब 2 साल बाद नवंबर 2017 में वह जेल से बाहर आए। इसके बाद उनकी नजदीकी RJD से बढ़ी। 2019 लोकसभा चुनाव में अनंत सिंह ने अपनी पत्नी नीलम देवी को मुंगेर लोकसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर ललन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़वाया। हार गईं। इसके बाद अनंत सिंह का दूसरा सबसे कठिन समय 2019 लोकसभा चुनाव के बाद आया। अगस्त 2019 में उनके पैतृक आवास लदमा से AK-47, कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ। इसके बाद उन पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया। इस केस में उन्होंने दिल्ली के साकेत कोर्ट में सरेंडर किया। इस घटना के बाद नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर व्यक्तिगत हमला और तेज कर दिया। उन्होंने उनका नामकरण तक कर दिया। इंटरव्यू में उनको पुदिना सिंह कहकर संबोधित करने लगे। 2025 विधानसभा चुनाव से पहले अनंत सिंह वापस JDU में आ गए। इसको लेकर भी नीरज कुमार ने टिका-टिप्पणी की। पार्टी ने मोकामा से अनंत सिंह को चुनावी मैदान में उतारा तब नीरज कुमार प्रचार करने नहीं गए। उन्होंने कहा, ‘हम आपराधिक चरित्र वाले व्यक्ति के समर्थन में चुनाव प्रचार नहीं करेंगे।’ चर्चा है यह भी है कि नीरज कुमार की दिली ख्वाहिश है कि वह मोकामा विधानसभा सीट से JDU के टिकट पर चुनाव लड़े और विधायक बने। चूंकि, नीरज कुमार मोकामा के ही रहने वाले हैं। 7 सितंबर की शाम पटना के JDU कार्यालय में इस विवाद को लेकर बैठक हुई थी। इसमें पार्टी की अंदरुनी लड़ाई को खत्म करने की कोशिश की गई थी। उसके बाद भी अनंत सिंह और जदयू के बीच बयानबाजी होती रही।  

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