मुज़फ़्फ़रपुर जिला प्रशासन बिहार विधान परिषद तिरहुत शिक्षक और स्नातक निर्वाचन 2026 को लेकर अलर्ट मोड में हैं। 28 सितंबर 2026 से 6 अक्टूबर 2026 तक सभी लाइसेंस धारकों के शस्त्रों (रिवाल्वर, पिस्टल, रायफल, एकनाली/दोनाली बंदूक) और कारतूसों का भौतिक सत्यापन होगा। 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और 4 अक्टूबर (रविवार) को काम बंद रहेगा। दंडाधिकारी सुबह 10 से शाम 4 बजे तक संबंधित थानों में मौजूद रहेंगे। शहरी थानों में सत्यापन के लिए अधिकारी तैनात किए गए हैं। नगर थाना में जिला खनन पदाधिकारी, ब्रह्मपुरा में जिला भविष्य निधि पदाधिकारी, मिठनपुरा-बेला में जिला कल्याण पदाधिकारी, अहियापुर में जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, सदर में कार्यपालक दंडाधिकारी (पूर्वी), सिकंदरपुर में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मुशहरी और काजीमोहम्मदपुर- विश्वविद्यालय थाना में सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीण इलाकों (कांटी, मड़वन, मोतीपुर, पारू, साहेबगंज आदि) में BDO, सीओ, राजस्व अधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तैनात होंगे। ग्रामीण लाइसेंस धारकों को चौकीदार या दफादार के जरिए लिखित सूचना भी दी जाएगी। बाहरी राज्यों के शस्त्रों पर कड़े निर्देश जम्मू-कश्मीर, नागालैंड या देश के अन्य राज्यों से निर्गत/स्वीकृत शस्त्र लाइसेंसों के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जब तक संबंधित राज्य या लाइसेंसिंग अथॉरिटी से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक ऐसे सभी शस्त्र धारकों को 06 अक्टूबर 2026 तक अपने हथियार निकटतम थाने या अधिकृत शस्त्र प्रतिष्ठान में अनिवार्य रूप से जमा कराने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन न कराने या बिना सत्यापन के हथियार व कारतूस रखने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। ऐसे शस्त्रों को अवैध माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति पर आयुध अधिनियम 1959 एवं आयुध नियम 2016/1962 के तहत प्राथमिक दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुज़फ़्फ़रपुर जिला प्रशासन बिहार विधान परिषद तिरहुत शिक्षक और स्नातक निर्वाचन 2026 को लेकर अलर्ट मोड में हैं। 28 सितंबर 2026 से 6 अक्टूबर 2026 तक सभी लाइसेंस धारकों के शस्त्रों (रिवाल्वर, पिस्टल, रायफल, एकनाली/दोनाली बंदूक) और कारतूसों का भौतिक सत्यापन होगा। 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) और 4 अक्टूबर (रविवार) को काम बंद रहेगा। दंडाधिकारी सुबह 10 से शाम 4 बजे तक संबंधित थानों में मौजूद रहेंगे। शहरी थानों में सत्यापन के लिए अधिकारी तैनात किए गए हैं। नगर थाना में जिला खनन पदाधिकारी, ब्रह्मपुरा में जिला भविष्य निधि पदाधिकारी, मिठनपुरा-बेला में जिला कल्याण पदाधिकारी, अहियापुर में जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, सदर में कार्यपालक दंडाधिकारी (पूर्वी), सिकंदरपुर में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मुशहरी और काजीमोहम्मदपुर- विश्वविद्यालय थाना में सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई की ड्यूटी लगाई गई है। ग्रामीण इलाकों (कांटी, मड़वन, मोतीपुर, पारू, साहेबगंज आदि) में BDO, सीओ, राजस्व अधिकारी, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी तैनात होंगे। ग्रामीण लाइसेंस धारकों को चौकीदार या दफादार के जरिए लिखित सूचना भी दी जाएगी। बाहरी राज्यों के शस्त्रों पर कड़े निर्देश जम्मू-कश्मीर, नागालैंड या देश के अन्य राज्यों से निर्गत/स्वीकृत शस्त्र लाइसेंसों के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जब तक संबंधित राज्य या लाइसेंसिंग अथॉरिटी से सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त नहीं होती, तब तक ऐसे सभी शस्त्र धारकों को 06 अक्टूबर 2026 तक अपने हथियार निकटतम थाने या अधिकृत शस्त्र प्रतिष्ठान में अनिवार्य रूप से जमा कराने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन न कराने या बिना सत्यापन के हथियार व कारतूस रखने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। ऐसे शस्त्रों को अवैध माना जाएगा और संबंधित व्यक्ति पर आयुध अधिनियम 1959 एवं आयुध नियम 2016/1962 के तहत प्राथमिक दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

