गिरिडीह के बनियाडीह में फिर धंसी जमीन:रसोई घर और जनरेटर रूम क्षतिग्रस्त, लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगह जा रहे

गिरिडीह के बनियाडीह में फिर धंसी जमीन:रसोई घर और जनरेटर रूम क्षतिग्रस्त, लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगह जा रहे

गिरिडीह बनियाडीह स्थित लंकास्टर अस्पताल परिसर में शनिवार रात एक बार फिर जमीन धंस गई। भू-धंसान की चपेट में आने से परिसर का रसोईघर और जनरेटर रूम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जमीन धंसने की घटना के बाद अस्पताल परिसर में रह रहे परिवारों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। शनिवार रात से ही कई लोग अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। रविवार सुबह परिवारों ने टेंपो और अन्य वाहनों की मदद से घरेलू सामान भी सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। भू-धंसान की तस्वीरें देखें.. सीसीएल ने घोषित किया था डेंजर जोन लंकास्टर अस्पताल परिसर में करीब एक महीने पहले भी भू-धंसान की घटना हुई थी। इसके बाद अस्पताल को बनियाडीह ऑफिसर्स क्लब में शिफ्ट कर दिया गया था। सीसीएल प्रबंधन ने परिसर को डेंजर जोन घोषित करते हुए वहां रहने वाले लोगों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। नोटिस के बाद स्टाफ और उनके परिवारों को दूसरे क्वार्टर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच शनिवार रात दोबारा जमीन धंसने से परिसर में रह रहे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि डेंजर जोन घोषित क्षेत्र में रहना लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। जल्द सुरक्षित जगह शिफ्टिंग की मांग लगातार हो रही बारिश के बीच दोबारा भू-धंसान की घटना से आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने सीसीएल प्रबंधन से पूरे परिसर की तत्काल जांच कराने और वहां रह रहे परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले भी जमीन धंसने की घटना सामने आ चुकी है। दोबारा भू-धंसान ने खतरे की गंभीरता बढ़ा दी है। ऐसे में प्रभावित परिसर में रह रहे परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है। गिरिडीह बनियाडीह स्थित लंकास्टर अस्पताल परिसर में शनिवार रात एक बार फिर जमीन धंस गई। भू-धंसान की चपेट में आने से परिसर का रसोईघर और जनरेटर रूम पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जमीन धंसने की घटना के बाद अस्पताल परिसर में रह रहे परिवारों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। शनिवार रात से ही कई लोग अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। रविवार सुबह परिवारों ने टेंपो और अन्य वाहनों की मदद से घरेलू सामान भी सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। भू-धंसान की तस्वीरें देखें.. सीसीएल ने घोषित किया था डेंजर जोन लंकास्टर अस्पताल परिसर में करीब एक महीने पहले भी भू-धंसान की घटना हुई थी। इसके बाद अस्पताल को बनियाडीह ऑफिसर्स क्लब में शिफ्ट कर दिया गया था। सीसीएल प्रबंधन ने परिसर को डेंजर जोन घोषित करते हुए वहां रहने वाले लोगों को मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। नोटिस के बाद स्टाफ और उनके परिवारों को दूसरे क्वार्टर में शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच शनिवार रात दोबारा जमीन धंसने से परिसर में रह रहे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि डेंजर जोन घोषित क्षेत्र में रहना लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। जल्द सुरक्षित जगह शिफ्टिंग की मांग लगातार हो रही बारिश के बीच दोबारा भू-धंसान की घटना से आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने सीसीएल प्रबंधन से पूरे परिसर की तत्काल जांच कराने और वहां रह रहे परिवारों को जल्द सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पहले भी जमीन धंसने की घटना सामने आ चुकी है। दोबारा भू-धंसान ने खतरे की गंभीरता बढ़ा दी है। ऐसे में प्रभावित परिसर में रह रहे परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है।  

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