गाजियाबाद में रविवार सुबह एक सर्प का जोड़ा निकल गया। जहां एक घंटे तक लोगों में दहशत बनी रही। पहले स्थानीय लोगों ने सर्प को पकड़ने की कोशिश की, जब बाद में पता चला कि यह दो सर्प हैं, और जोड़ में हैं। जिसकेबाद वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों सर्प को रेस्क्यू किया। जिसके बाद प्लास्टिक के बोर में कैद कर लिया। उसके बाद वन विभाग की टीम ने दोनों सर्प को जंगल में छोड़ दिया। यह दोनों सर्प मोदीनगर के कृष्णा नगर गली नंबर 2 में मिले। तस्वीरों में देखिए सर्प 5 फीट लंबाई और बहुत ही जहरीला वन विभाग के कर्मचारी ने मशक्कत करते हुए पहले एक सर्प को पकड़ा, जिसे बोरे में रखकर ईंट से ढक दिया। इसके बाद दूसरे सर्प को पकड़ा गया। यह सर्प करीब 5 फीट की लंबाई के बताए गए। वन विभाग के कर्मचारी ने बताया कि सर्प बहुत ही जहरीली प्रजाति के हैं। इस तरह के सर्प को पकड़ने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। यह सांप पकड़ने के एक्टपर्ट करते हैं। यह पलक झपकते ही डस लेता है। पकड़े जाने पर तालियां बजाई मोदीनगर में वन विभााग की टीम ने रेस्क्यू किया, पकड़े जाने पर लोगों ने तालियां बजाईं। जहां सर्प के पकड़े जाने के बाद बच्चे और आसपास के लोग वीडियो बनाते रहे। पड़ोस की रहने वाली सुनीता ने बताया कि सर्प को देखा तो चीख निकल गई, हमें डर था कहीं किसी को डस न ले, या घर में घुसकर बैठ जाएगा। पहचान और शारीरिक बनावट रसल प्रजाति के सांप: इसका शरीर मोटा और भूरे या पीले रंग का होता है। पीठ पर सफेद किनारों वाले गहरे भूरे या काले रंग के अंडाकार धब्बे (चेन जैसे पैटर्न) बने होते हैं। इसका सिर त्रिकोणीय (तिर्यक) और गर्दन पतली होती है। इसकी लंबाई आमतौर पर यह 3 से 4 फीट लंबा होता है। कई बार 4 फीट से अधिक लंबा भी यह देखने में मिलता है। मुख्य विशेषताएं प्रजनन में यह सांप अंडे नहीं देता, बल्कि सीधे बच्चों (लगभग 40 से 50 सपोलों) को जन्म देता है। यह खेतों, झाड़ियों, घास के मैदानों और अक्सर चूहों की तलाश में इंसानी बस्तियों या घरों के पास पाया जाता है। लोग इसे कई बार गलती से अजगर का बच्चा समझ लेते हैं। यह खतरा महसूस होने पर यह बहुत तेज आवाज में सीटी (फुपकार) जैसी आवाज निकालता है और पलक झपकते ही बेहद तेजी से हमला कर सकता है। इसके डसने पर सबसे पहले डॉक्टर के पास इलाज कराएं।

