गयाजी में चल रहे पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने क्यूआर कोड वाले रिस्टबैंड की व्यवस्था की है। यह रिस्टबैंड बच्चों और बुजुर्गों को पहनाए जा रहे हैं, ताकि भीड़ में बिछड़ने पर उनकी पहचान आसानी से हो सके। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की पहल पर शुरू हुई इस व्यवस्था से बिछड़ने वाले व्यक्ति के परिजनों को तुरंत मोबाइल पर अलर्ट मैसेज मिलेगा। इससे उन्हें अपने परिवार के सदस्य के बारे में समय पर जानकारी मिल सकेगी। आम जनता से प्रशासन की अपील पितृपक्ष के दौरान गयाजी के विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षयवट और सीताकुंड जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में भीड़ के कारण परिवार के सदस्यों के अलग होने की आशंका बनी रहती है। यह रिस्टबैंड ऐसे हालात में काफी उपयोगी साबित होगा। जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतें। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा सुविधाओं का लाभ उठाएं। रिस्टबैंड को सुरक्षित तरीके से कलाई पर लगाए रखने की सलाह भी दी जा रही है।
सुरक्षा से लेकर सुविधा तक प्रशासन की तैयारी पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में QR कोड रिस्टबैंड को तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था के रूप में जोड़ा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि गयाजी आने वाले श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान और पिंडदान के साथ सुरक्षित वातावरण का अनुभव लेकर लौटें। बच्चों और बुजुर्गों की कलाई पर बंध रहा QR रिस्टबैंड इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। गयाजी में चल रहे पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने क्यूआर कोड वाले रिस्टबैंड की व्यवस्था की है। यह रिस्टबैंड बच्चों और बुजुर्गों को पहनाए जा रहे हैं, ताकि भीड़ में बिछड़ने पर उनकी पहचान आसानी से हो सके। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर की पहल पर शुरू हुई इस व्यवस्था से बिछड़ने वाले व्यक्ति के परिजनों को तुरंत मोबाइल पर अलर्ट मैसेज मिलेगा। इससे उन्हें अपने परिवार के सदस्य के बारे में समय पर जानकारी मिल सकेगी। आम जनता से प्रशासन की अपील पितृपक्ष के दौरान गयाजी के विष्णुपद मंदिर, फल्गु नदी, अक्षयवट और सीताकुंड जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लाखों श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में भीड़ के कारण परिवार के सदस्यों के अलग होने की आशंका बनी रहती है। यह रिस्टबैंड ऐसे हालात में काफी उपयोगी साबित होगा। जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतें। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा सुविधाओं का लाभ उठाएं। रिस्टबैंड को सुरक्षित तरीके से कलाई पर लगाए रखने की सलाह भी दी जा रही है।
सुरक्षा से लेकर सुविधा तक प्रशासन की तैयारी पितृपक्ष मेला महासंगम 2026 को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है। इसी कड़ी में QR कोड रिस्टबैंड को तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था के रूप में जोड़ा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि गयाजी आने वाले श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठान और पिंडदान के साथ सुरक्षित वातावरण का अनुभव लेकर लौटें। बच्चों और बुजुर्गों की कलाई पर बंध रहा QR रिस्टबैंड इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

