मोतिहारी के मजूरहा के हरदिया में 13 करोड़ रुपए की लागत से बने आरसीसी पुल के अप्रोच पथ की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठे हैं। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने अप्रोच पथ की चार बार मरम्मत कराई। इसके बावजूद कुछ समय बाद ही सड़क के कई हिस्सों में फिर दरारें आ गईं। बारिश में बढ़ सकती है परेशानी अप्रोच पथ में बार-बार दरार आने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। तेज बारिश के दौरान सड़क और खराब हो सकती है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने खराब अप्रोच पथ को तोड़कर दोबारा बनाने की मांग की है। तीन सदस्यीय टीम ने की थी जांच इससे पहले मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने तीन दिनों तक मोतिहारी में रहकर सड़क और अप्रोच पथ की जांच की थी। जांच के बाद टीम की ओर से प्रेस वार्ता भी की गई। हालांकि, टीम के लौटने के बाद भी अप्रोच पथ में दरारें दिखाई देने लगीं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय बार-बार मरम्मत करा रहा है। पूर्व विधायक ने भी निर्माण पर उठाए थे सवाल पुल निर्माण को लेकर राजद नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र राम भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने निर्माण कार्य में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अप्रोच पथ को दोबारा तोड़कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि पुल निर्माण में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया था कि करीब 13 करोड़ रुपए की योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है और इसमें नेताओं से लेकर अधिकारियों तक की मिलीभगत की जांच जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चौथी बार दरार आने के बाद कार्रवाई का इंतजार अप्रोच पथ में लगातार चौथी बार दरार सामने आने के बाद अब ग्रामीण विभागीय कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत कराने के बजाय सड़क की गुणवत्ता की जांच कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। मोतिहारी के मजूरहा के हरदिया में 13 करोड़ रुपए की लागत से बने आरसीसी पुल के अप्रोच पथ की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठे हैं। दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने अप्रोच पथ की चार बार मरम्मत कराई। इसके बावजूद कुछ समय बाद ही सड़क के कई हिस्सों में फिर दरारें आ गईं। बारिश में बढ़ सकती है परेशानी अप्रोच पथ में बार-बार दरार आने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। तेज बारिश के दौरान सड़क और खराब हो सकती है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने खराब अप्रोच पथ को तोड़कर दोबारा बनाने की मांग की है। तीन सदस्यीय टीम ने की थी जांच इससे पहले मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। टीम ने तीन दिनों तक मोतिहारी में रहकर सड़क और अप्रोच पथ की जांच की थी। जांच के बाद टीम की ओर से प्रेस वार्ता भी की गई। हालांकि, टीम के लौटने के बाद भी अप्रोच पथ में दरारें दिखाई देने लगीं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग स्थायी समाधान करने के बजाय बार-बार मरम्मत करा रहा है। पूर्व विधायक ने भी निर्माण पर उठाए थे सवाल पुल निर्माण को लेकर राजद नेता और पूर्व विधायक राजेंद्र राम भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने निर्माण कार्य में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अप्रोच पथ को दोबारा तोड़कर गुणवत्तापूर्ण तरीके से बनाने की मांग की थी। उनका कहना था कि पुल निर्माण में गुणवत्ता के मानकों की अनदेखी की गई है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया था कि करीब 13 करोड़ रुपए की योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है और इसमें नेताओं से लेकर अधिकारियों तक की मिलीभगत की जांच जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। चौथी बार दरार आने के बाद कार्रवाई का इंतजार अप्रोच पथ में लगातार चौथी बार दरार सामने आने के बाद अब ग्रामीण विभागीय कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार मरम्मत कराने के बजाय सड़क की गुणवत्ता की जांच कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

