India Denmark Relations: भारत में डेनमार्क के राजदूत रासमस एबिलडगार्ड क्रिस्टेंसन ने शुक्रवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि डेनमार्क संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत के लिए स्थायी सीट का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि कोपेनहेगन ने इस मामले पर कई मौकों पर अपना रुख स्पष्ट किया है।
ANI से बातचीत में क्रिस्टेंसन ने कहा कि, हम वास्तव में सुरक्षा परिषद में भारत के लिए स्थायी सीट का समर्थन करते हैं, जिसे हमने कई मौकों पर बहुत स्पष्ट किया है। और निश्चित रूप से, हमने सुरक्षा परिषद में पिछले 2 साल बिताए हैं, और हम उम्मीद कर रहे हैं कि भारत जल्द ही इसमें शामिल होगा।
भारत-EU FTA से मिलेगी नई रफ्तार
राजदूत रासमस एबिलडगार्ड क्रिस्टेंसन ने कहा कि भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा और व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में मैन्युफैक्चरिंग, क्षमता केंद्रों और संयुक्त R&D के क्षेत्रों में 250 से ज्यादा डेनिश कंपनियां मौजूद हैं, जो एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं। उन्होंने कहा कि FTA इस गति को और तेज करेगा और दोनों देशों की कंपनियों के लिए निर्यात के रास्ते खुलेंगे।
डेनमार्क में भारतीयों की धूम, 150+ इंडियन रेस्टोरेंट
क्रिस्टेंसन ने कहा कि डेनमार्क में भारतीय, सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला प्रवासी समूह बन गए हैं, जो काम और पढ़ाई के लिए वहां जा रहे हैं और अपनी संस्कृति भी साथ ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोपेनहेगन में अब 150 से ज्यादा भारतीय रेस्टोरेंट हैं और भारतीय समुदाय संगीत व सांस्कृतिक विविधता में भी योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा, “वे हमारे देश के बहुत अहम नागरिक हैं।”
भारतीय टैलेंट के लिए खुलेंगे नए दरवाजे
डेनमार्क की हाल ही में मंजूर हुई वर्क परमिट योजना पर बात करते हुए राजदूत ने कहा कि इससे भारतीय पेशेवरों के लिए डेनमार्क में काम करना और आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों की मांग ने भारतीय टैलेंट के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं। सस्टेनेबिलिटी और जल क्षेत्र में सहयोग पर क्रिस्टेंसन ने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश की जल जीवन मिशन परियोजनाओं का दौरा किया, जहां डेनमार्क के सहयोग से लोगों को साफ पीने का पानी मिल रहा है।

