बीकानेर में जिस जीवन संगिनी के साथ 42 साल गुजारे, उसे अंतिम विदाई भी दुल्हन के परिधान पहनाकर दी गई। बुजुर्ग पति भी दुल्हा बनकर अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। इसे देखकर परिवार के साथ- साथ अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें भी नम हो गई। दरअसल, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के रिटायर्ड सहायक प्रशासनिक अधिकारी(AAO) राजेन्द्र प्रसाद जोशी ने अपनी पत्नी अमिता जोशी के निधन के बाद उन्हें सुहागन के रूप में दुल्हन की तरह सजाकर अंतिम विदाई दी। खुद भी दूल्हे के वेश में तैयार होकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। गंगाशहर स्थित मोक्षधाम पहुंचकर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। जोशी का कहना था कि जैसे मैं उसे अपने जीवन में लेकर आया था, आज उसी तरह विदा भी करना चाहता था। हालांकि अंतिम क्षणों में जोशी अपने आंसुओं को रोक न सके और फूट-फूटकर रो पड़े। 1984 में विवाह के बाद आई थीं बीकानेर
उत्तराखंड के श्रीनगर की रहने वाली अमिता जोशी की शादी 18 फरवरी 1984 को राजेन्द्र प्रसाद जोशी के साथ हुई थी। विवाह के बाद वे बीकानेर आईं। जोशी ने बताया कि 42 सालों के वैवाहिक जीवन में अमिता ने धर्मपरायण और श्रेष्ठ पत्नी के रूप में पारिवारिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाया। लेकिन गुरुवार की रात अमिता जोशी(63) का साथ टूट गया। वे कुछ समय से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थीं, इसके कारण गुरुवार को उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि अमिता के साथ बिताए 42 साल उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण और यादगार सालों में रहे हैं। शुक्रवार को गंगाशहर में बाफना स्कूल के सामने स्थित गली से उनकी अंतिम यात्रा गाजे-बाजे और रामनाम संकीर्तन के साथ रवाना हुई। बैंड पार्टी ने विदाई के गीतों की धुनें बजाईं। इस दौरान ‘जिंदगी के सफर में गुजर जाते हैं जो लोग, फिर नहीं आते’ और ‘अभी ना जाओ छोड़कर, दिल अभी भरा नहीं’ जैसे गीतों के मुखड़े भी बजाए गए, जिन्हें सुनकर सभी भावुक हो गए। दो पुत्र, दो पौत्र और एक पौत्री सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ा
अमिता जोशी अपने पीछे दो बेटे, दो पोते और एक पोती सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। पत्नी के निधन से राजेन्द्र प्रसाद जोशी सहित परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। जोशी ने कहा कि अमिता के साथ बिताए वर्षों की आत्मीय यादों को भुला पाना उनके लिए आसान नहीं होगा। परिजनों और परिचितों ने बंधाया ढांढस
अंतिम यात्रा में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अधिकारी एवं कार्मिक, स्वतंत्र पत्रकार रतन सिंह रघुवंशी, आस-पड़ोस के लोग और रिश्तेदार शामिल हुए। पूर्व सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी अमर सिंह चौहान सहित परिचितों ने राजेन्द्र प्रसाद जोशी को ढांढस बंधाया और दिवंगत अमिता जोशी की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

