मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर शुक्रवार को बांका जिले की अलग-अलग पंचायतों में नल-जल योजना की जमीनी स्थिति जांची गई। इसके लिए करीब 125 अधिकारियों को पंचायतों में भेजा गया। अधिकारियों ने वार्डों में पहुंचकर पानी की सप्लाई, मशीन की उपलब्धता, जरूरी संसाधन, पाइपलाइन की स्थिति, साफ-सफाई और नियमित संचालन जैसे कई बिंदुओं पर जांच की। जांच के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन भेजी जानी है, ताकि मुख्यमंत्री सचिवालय योजनाओं की निगरानी कर सके। यह जांच शुक्रवार शाम तक चली। इसी कड़ी में धोरैया के प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बांका प्रखंड की तेलिया पंचायत के कई वार्डों में नल-जल योजना का जायजा लिया। जांच के दौरान वार्डवार पानी की सप्लाई की स्थिति देखी गई। संबंधित कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए तेलिया पंचायत के वार्ड नंबर-7 में पिछले तीन-चार दिनों से तार की समस्या के कारण पानी की सप्लाई बंद मिली। वहीं, वार्ड नंबर-6 में स्मार्ट मीटर में रिचार्ज नहीं होने से पानी की सप्लाई पर असर पड़ा था। अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए और जल्द समस्या दूर करने को कहा। धोरैया प्रखंड की विभिन्न पंचायत के कई वार्डों में भी नल-जल योजना की जांच हुई। वार्ड नंबर-8, 9, 10 और 11 में योजना का संचालन ठीक पाया गया। हालांकि, वार्ड नंबर-6 और 7 में रिचार्ज और बिजली की समस्या के कारण पिछले कुछ दिनों से पानी की सप्लाई बंद थी। योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही होगी तय वार्ड नंबर-12 में कुछ दूर के घरों तक पानी नहीं पहुंचने की दिक्कत सामने आई। जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जांच का मकसद नल-जल योजना के जमीनी संचालन की असली स्थिति जानना और कमियों को दूर करके लोगों को नियमित पानी उपलब्ध कराना है। जांच रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने से योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी, साथ ही बड़े स्तर पर इसकी लगातार निगरानी हो सकेगी। मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश पर शुक्रवार को बांका जिले की अलग-अलग पंचायतों में नल-जल योजना की जमीनी स्थिति जांची गई। इसके लिए करीब 125 अधिकारियों को पंचायतों में भेजा गया। अधिकारियों ने वार्डों में पहुंचकर पानी की सप्लाई, मशीन की उपलब्धता, जरूरी संसाधन, पाइपलाइन की स्थिति, साफ-सफाई और नियमित संचालन जैसे कई बिंदुओं पर जांच की। जांच के बाद रिपोर्ट ऑनलाइन भेजी जानी है, ताकि मुख्यमंत्री सचिवालय योजनाओं की निगरानी कर सके। यह जांच शुक्रवार शाम तक चली। इसी कड़ी में धोरैया के प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बांका प्रखंड की तेलिया पंचायत के कई वार्डों में नल-जल योजना का जायजा लिया। जांच के दौरान वार्डवार पानी की सप्लाई की स्थिति देखी गई। संबंधित कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए तेलिया पंचायत के वार्ड नंबर-7 में पिछले तीन-चार दिनों से तार की समस्या के कारण पानी की सप्लाई बंद मिली। वहीं, वार्ड नंबर-6 में स्मार्ट मीटर में रिचार्ज नहीं होने से पानी की सप्लाई पर असर पड़ा था। अधिकारी ने संबंधित कर्मचारियों को जरूरी निर्देश दिए और जल्द समस्या दूर करने को कहा। धोरैया प्रखंड की विभिन्न पंचायत के कई वार्डों में भी नल-जल योजना की जांच हुई। वार्ड नंबर-8, 9, 10 और 11 में योजना का संचालन ठीक पाया गया। हालांकि, वार्ड नंबर-6 और 7 में रिचार्ज और बिजली की समस्या के कारण पिछले कुछ दिनों से पानी की सप्लाई बंद थी। योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही होगी तय वार्ड नंबर-12 में कुछ दूर के घरों तक पानी नहीं पहुंचने की दिक्कत सामने आई। जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को सुधार के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि जांच का मकसद नल-जल योजना के जमीनी संचालन की असली स्थिति जानना और कमियों को दूर करके लोगों को नियमित पानी उपलब्ध कराना है। जांच रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने से योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी, साथ ही बड़े स्तर पर इसकी लगातार निगरानी हो सकेगी।

