बांका जिले के रजौन प्रखंड में खैरा मोड़-बामदेव सड़क मार्ग पर बना डायवर्जन शुक्रवार को तेज बारिश के कारण बह गया। कतरिया नदी पर बन रहे पुल के पास यह डायवर्जन बनाया गया था। इसके बह जाने से इस रास्ते पर लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया था। डायवर्जन के बहने से स्थानीय ग्रामीणों को काफी दिक्कत हो रही है। अब उन्हें सिर्फ पांच किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 12 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, जब डायवर्जन बहा है। पहले भी बारिश में यह बह चुका है, जिससे कई दिनों तक रास्ता बंद रहा था। पानी पार करते समय गिरकर घायल हुए हैं बाइक सवार ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने डायवर्जन को पर्याप्त ऊंचाई पर नहीं बनाया है। थोड़ी सी बारिश में ही कतरिया नदी का पानी इसके ऊपर से बहने लगता है और तेज बहाव में यह टूट जाता है। पानी जमा होने से बाइक चलाने वालों को भी परेशानी होती है। कई बाइक सवार पानी पार करते समय गिरकर घायल हो चुके हैं। डायवर्जन बहने से परेशानी और बढ़ी पैदल चलने वालों के लिए भी नदी पार करना मुश्किल हो गया है। यह खैरा मोड़ से नवादा बाजार होते हुए धोरैया जाने का एक अहम रास्ता है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र और मरीज इसी सड़क से आते-जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति बार-बार बनती है, लेकिन कोई स्थायी सुधार नहीं किया गया। शुक्रवार को दोबारा डायवर्जन बहने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि डायवर्जन को मजबूत और ऊंची जगह पर बनाकर जल्द से जल्द आवागमन फिर से शुरू कराया जाए। बांका जिले के रजौन प्रखंड में खैरा मोड़-बामदेव सड़क मार्ग पर बना डायवर्जन शुक्रवार को तेज बारिश के कारण बह गया। कतरिया नदी पर बन रहे पुल के पास यह डायवर्जन बनाया गया था। इसके बह जाने से इस रास्ते पर लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया था। डायवर्जन के बहने से स्थानीय ग्रामीणों को काफी दिक्कत हो रही है। अब उन्हें सिर्फ पांच किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 12 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, जब डायवर्जन बहा है। पहले भी बारिश में यह बह चुका है, जिससे कई दिनों तक रास्ता बंद रहा था। पानी पार करते समय गिरकर घायल हुए हैं बाइक सवार ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने डायवर्जन को पर्याप्त ऊंचाई पर नहीं बनाया है। थोड़ी सी बारिश में ही कतरिया नदी का पानी इसके ऊपर से बहने लगता है और तेज बहाव में यह टूट जाता है। पानी जमा होने से बाइक चलाने वालों को भी परेशानी होती है। कई बाइक सवार पानी पार करते समय गिरकर घायल हो चुके हैं। डायवर्जन बहने से परेशानी और बढ़ी पैदल चलने वालों के लिए भी नदी पार करना मुश्किल हो गया है। यह खैरा मोड़ से नवादा बाजार होते हुए धोरैया जाने का एक अहम रास्ता है। रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र और मरीज इसी सड़क से आते-जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि ठेकेदार की लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति बार-बार बनती है, लेकिन कोई स्थायी सुधार नहीं किया गया। शुक्रवार को दोबारा डायवर्जन बहने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि डायवर्जन को मजबूत और ऊंची जगह पर बनाकर जल्द से जल्द आवागमन फिर से शुरू कराया जाए।

