Naseem Siddiqui: महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल को भ्रष्टाचार के मामलों में मिली क्लीन चिट के बाद राज्य का सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। इस फैसले पर एनसीपी (एसपी) ने भारतीय जनता पार्टी और भुजबल पर करारा जुबानी हमला बोला है। एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने इस पूरी प्रक्रिया को भाजपा की ‘राजनीतिक वाशिंग मशीन’ का नतीजा करार दिया है। प्रवक्ता नसीम सिद्दीकी ने तंज कसते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास एक बहुत बड़ी वाशिंग मशीन है। जो भी नेता उसमें जाता है, वह एक ही बार में धुलकर बिल्कुल साफ हो जाता है।
‘शरद पवार को छोड़ने का मिला इनाम’
उन्होंने सीधे तौर पर भुजबल के पाला बदलने को इस राहत का मुख्य कारण बताया। सिद्दीकी ने आगे कहा कि छगन भुजबल ने अपनी वफादारी बदली और शरद पवार का साथ छोड़कर एनडीए व भाजपा का दामन थामा। यह क्लीन चिट उसी निष्ठा परिवर्तन का ईनाम है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जब भक्ति में बड़ी शक्ति होती है, तो उसका फल भी बड़ा ही मिलता है। उन्होंने शरद पवार का हाथ छोड़कर भाजपा के साथ जाने का जो फैसला लिया, उसका परिणाम यही होना था।
विशेष अदालत ने किया बरी
गौरतलब है कि महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल को करीब एक दशक पुराने भ्रष्टाचार के सभी मुकदमों से राहत मिल गई है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की विशेष अदालत ने गुरुवार को कलिना लाइब्रेरी निर्माण से जुड़े आखिरी मामले में भी उन्हें बरी कर दिया। यह पूरा विवाद मुंबई विश्वविद्यालय के कलिना परिसर स्थित चार एकड़ सरकारी जमीन से जुड़ा था। आरोप था कि वर्ष 2009 में छगन भुजबल के लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यकाल के दौरान पुस्तकालय बनाने का टेंडर जारी हुआ था।
99 साल की लीज पर दिया
इसमें मुख्य आरोप यह था कि लाइब्रेरी के लिए जमीन आवंटित करने के साथ ही शेष भूखंड को बेहद मामूली दर मात्र 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर पर एक डेवलपर को 99 साल की लीज पर दे दिया गया, जिसे एसीबी ने नियमों का उल्लंघन माना था। सुनवाई के बाद विशेष अदालत ने पाया कि इस सौदे में किसी प्रकार की अवैध कमाई या ‘क्विड प्रो क्वो’ (आपसी लेन-देन/अनुचित लाभ) के प्रमाण नहीं हैं। कोर्ट ने पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में भुजबल और अन्य आरोपियों को दोषमुक्त करार दे दिया।

