लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। रोजाना कोई न कोई नई खामी सामने आ रही है। बृहस्पतिवार को लखनऊ-कानपुर लेन पर किलोमीटर संख्या 48 में तौरा गांव के पास करीब 30 मीटर फुटपाथ धंस गया। निर्माण एजेंसी ने आनन-फानन में इसकी मरम्मत कराई। इससे पहले एक्सप्रेसवे के ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क धंसने की घटना भी सामने आ चुकी है, जिसकी तकनीकी जांच आईआईटी खड़गपुर की टीम ने की है। सड़क धंसने के बाद अब आईआईटी की रिपोर्ट पर नजर ग्रीनफील्ड हिस्से में सड़क धंसने की तकनीकी जांच आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी की टीम ने की थी। जांच रिपोर्ट शुक्रवार को एनएचएआई मुख्यालय को सौंपी जा सकती है। रिपोर्ट में सड़क धंसने की वजह और निर्माण में सुधार को लेकर तकनीकी सुझाव दिए जाने की उम्मीद है। एनएचएआई अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट में दिए सुझावों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। एलिवेटेड हिस्से में भी दो जगह मिली कमी एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से में भी दो जगह खामियां सामने आई हैं। वहीं, किलोमीटर संख्या 14 पर बने डिवाइडर में मामूली दरार मिली है। निर्माण एजेंसी ने दरार भरने का काम शुरू कर दिया है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवरत्न के मुताबिक दरार मामूली है और इसे दुरुस्त कराया जा रहा है। डिवाइडर में छेद कर पानी निकालने की कोशिश एक्सप्रेसवे पर जलभराव की समस्या दूर करने के लिए पीएनसी डिवाइडर में लगे कंक्रीट बोल्डरों में छेद कर रही है। इसके जरिए पानी की निकासी की व्यवस्था बेहतर करने की कोशिश की जा रही है। एक्सप्रेसवे पर रोजाना करीब 15 हजार वाहन गुजर रहे हैं, ऐसे में लगातार सामने आ रही खामियों ने निर्माण और गुणवत्ता की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 27-28 सितंबर को खुल सकती है बंद लेन सरोजनीनगर में एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की छत से पानी का रिसाव अब बंद हो गया है। कानपुर से लखनऊ आने वाली एलिवेटेड रोड की लेन को 27 या 28 सितंबर को यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। मरम्मत के बाद डामरीकरण का काम पूरा कराया जा रहा है, जिसमें दो से तीन दिन लगने की बात कही गई है।

