गाजीपुर के राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का गुरुवार की दोपहर 2 बजे स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ और ‘स्वच्छता ही सेवा’ के तहत एक संगोष्ठी हुई। इसका विषय ‘युवा चरित्र निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की भूमिका’ था। इसमें छात्राओं को सेवा, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. संगीता थीं। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में सामाजिक और नैतिक मूल्य बहुत जरूरी होते हैं। एनएसएस युवाओं में सेवा, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना बढ़ाता है। वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रामनाथ केसरवानी ने बताया कि विद्यार्थियों की जिम्मेदारी सिर्फ पढ़ाई तक नहीं है। उन्हें समाज की समस्याओं को समझना चाहिए और उनके समाधान में भी हिस्सा लेना चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी नेहा कुमारी ने स्वयंसेविकाओं को निस्वार्थ सेवा और सामाजिक भागीदारी का संदेश दिया। स्वयंसेविकाओं ने नशामुक्ति की शपथ ली कार्यक्रम में सभी अधिकारियों और स्वयंसेविकाओं ने नशामुक्ति की शपथ ली। इसके बाद स्वयंसेविकाओं ने कॉलेज परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई की। इस मौके पर मीडिया प्रभारी डॉ. शिव कुमार, डॉ. मनीष सोनकर, श्रीमती ओम शिवानी, डॉ. सारिका सिंह समेत कई प्रोफेसर और एनएसएस की छात्राएं मौजूद थीं।

