‘बिहार में हर महीने करीब 10 करोड़ का हवाला कारोबार’:पटना में 30 लाख कैश के साथ पकड़ा गया शख्स बोला-गुजरात से चलता है नेटवर्क

‘बिहार में हर महीने करीब 10 करोड़ का हवाला कारोबार’:पटना में 30 लाख कैश के साथ पकड़ा गया शख्स बोला-गुजरात से चलता है नेटवर्क

पटना में 30 लाख रुपये कैश बरामद होने के मामले में पूछताछ के दौरान हवाला कारोबार से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। पूछताछ में संजय नाम के व्यक्ति ने बताया कि वह गुजरात के कारोबारी कमलेश भाई के लिए बिहार में हवाला का काम संभालता था। इसके बदले उसे हर महीने 30 हजार रुपये वेतन मिलता था। उसके साथ तीन अन्य लोग भी काम करते थे, जिनमें दो ड्राइवर हैं। दोनों को 20-20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे। संजय समेत सभी लोग पिछले करीब एक साल से आरण्य बलभद्र अपार्टमेंट में किराये पर रह रहे थे। संजय ने पुलिस और इनकम टैक्स विभाग को फ्लैट मालिक का नंबर भी दिया है। उसके अनुसार, फ्लैट कमलेश के नाम पर 30 हजार रुपए महीने के किराये पर लिया गया था। छापेमारी के समय कमलेश वहां मौजूद नहीं था। संजय ने बताया कि वह कमलेश भाई के आदेश पर कैश एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता और रकम कलेक्ट करता था। बिहार में हर महीने करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का हवाला कारोबार होने की बात भी सामने आई है। एक करोड़ रुपए के लेनदेन पर करीब 20 हजार रुपए मुनाफा मिलने की बात बताई गई है। संजय के अनुसार पूरा नेटवर्क करीब 3000 करोड़ रुपये तक फैला है। फिलहाल तीनों हिरासत में लिए गए लोगों को इनकम टैक्स विभाग ने बुद्धा कॉलोनी थाने में रखा है। कमलेश से फोन पर संपर्क किया गया है। कमलेश की तरफ से एक-दो दिन में पटना आने की बात कही गई है। अब जानिए क्या है पूरा मामला मंगलवार की रात पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। इनोवा क्रिस्टा गाड़ी से 30 लाख रुपए कैश बरामद किए गए। मौके से गाड़ी पर सवार गुजरात के तीन कारोबारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनकी पहचान संजय कुमार, दिग्विजय ठाकुर और पटेल कारण कुमार सिंधा भाई के रूप में हुई सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला… घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए
जांच में जुटी इनकम टैक्स विभाग मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इनकम टैक्स विभाग को सूचना दी है। इनकम टैक्स की टीम भी अपने स्तर से जांच में जुट गई है। कारोबारियों की निशानदेही पर आगे भी छापेमारी की जा रही है। मामले के सामने आने के बाद पटना में अलग-अलग ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी जारी है। एजेंसियां पैसे के मुख्य स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया था कि उत्पाद विभाग और स्पेशल ब्रांच को सूचना मिली थी कि आरण्य बलभद्र अपार्टमेंट के पास एक गाड़ी खड़ी है, जिसमें शराब की खेप है। इस सूचना के आधार पर गाड़ी की तलाशी ली गई तो 30 लाख रुपए कैश मिले। इस मामले में दो लोगों को अरेस्ट किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि 3000 करोड़ रुपए का नेटवर्क है। पटना में 30 लाख रुपये कैश बरामद होने के मामले में पूछताछ के दौरान हवाला कारोबार से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। पूछताछ में संजय नाम के व्यक्ति ने बताया कि वह गुजरात के कारोबारी कमलेश भाई के लिए बिहार में हवाला का काम संभालता था। इसके बदले उसे हर महीने 30 हजार रुपये वेतन मिलता था। उसके साथ तीन अन्य लोग भी काम करते थे, जिनमें दो ड्राइवर हैं। दोनों को 20-20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे। संजय समेत सभी लोग पिछले करीब एक साल से आरण्य बलभद्र अपार्टमेंट में किराये पर रह रहे थे। संजय ने पुलिस और इनकम टैक्स विभाग को फ्लैट मालिक का नंबर भी दिया है। उसके अनुसार, फ्लैट कमलेश के नाम पर 30 हजार रुपए महीने के किराये पर लिया गया था। छापेमारी के समय कमलेश वहां मौजूद नहीं था। संजय ने बताया कि वह कमलेश भाई के आदेश पर कैश एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता और रकम कलेक्ट करता था। बिहार में हर महीने करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक का हवाला कारोबार होने की बात भी सामने आई है। एक करोड़ रुपए के लेनदेन पर करीब 20 हजार रुपए मुनाफा मिलने की बात बताई गई है। संजय के अनुसार पूरा नेटवर्क करीब 3000 करोड़ रुपये तक फैला है। फिलहाल तीनों हिरासत में लिए गए लोगों को इनकम टैक्स विभाग ने बुद्धा कॉलोनी थाने में रखा है। कमलेश से फोन पर संपर्क किया गया है। कमलेश की तरफ से एक-दो दिन में पटना आने की बात कही गई है। अब जानिए क्या है पूरा मामला मंगलवार की रात पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। इनोवा क्रिस्टा गाड़ी से 30 लाख रुपए कैश बरामद किए गए। मौके से गाड़ी पर सवार गुजरात के तीन कारोबारियों को हिरासत में लिया गया है, जिनकी पहचान संजय कुमार, दिग्विजय ठाकुर और पटेल कारण कुमार सिंधा भाई के रूप में हुई सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला… घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए
जांच में जुटी इनकम टैक्स विभाग मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इनकम टैक्स विभाग को सूचना दी है। इनकम टैक्स की टीम भी अपने स्तर से जांच में जुट गई है। कारोबारियों की निशानदेही पर आगे भी छापेमारी की जा रही है। मामले के सामने आने के बाद पटना में अलग-अलग ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी जारी है। एजेंसियां पैसे के मुख्य स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया था कि उत्पाद विभाग और स्पेशल ब्रांच को सूचना मिली थी कि आरण्य बलभद्र अपार्टमेंट के पास एक गाड़ी खड़ी है, जिसमें शराब की खेप है। इस सूचना के आधार पर गाड़ी की तलाशी ली गई तो 30 लाख रुपए कैश मिले। इस मामले में दो लोगों को अरेस्ट किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि 3000 करोड़ रुपए का नेटवर्क है।  

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