सीतामढ़ी में शिक्षा विभाग का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस शिक्षक की करीब 19 महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, विभाग ने अब उन्हीं से प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहने पर स्पष्टीकरण मांग लिया। इतना ही नहीं, दो अलग-अलग पत्रों में उनका नाम शामिल किया गया। यह मामला बोखड़ा प्रखंड के मध्य विद्यालय बुधनगरा में कार्यरत विशिष्ट शिक्षक अनुराग सिंह का है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले अनुराग सिंह की 26 फरवरी 2025 को पूर्वी चंपारण के मेहसी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। घटना के बाद विभाग को उनकी मौत की जानकारी दी गई थी। प्रशिक्षण से गैरहाजिर शिक्षकों की सूची में नाम इसके बावजूद डायट डुमरा में 31 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण में अनुपस्थित शिक्षकों की सूची में अनुराग सिंह का नाम दर्ज कर दिया गया। डायट की प्राचार्य कुमारी नेहा की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ ने 12 सितंबर को अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा। इस सूची में मृत शिक्षक का नाम भी शामिल था। 19 सितंबर के पत्र में भी नाम मामला यहीं नहीं रुका। 19 सितंबर को दोबारा स्पष्टीकरण मांगने के लिए जारी पत्र में भी अनुराग सिंह का नाम था। यानी करीब डेढ़ साल पहले मौत के बाद भी विभागीय रिकॉर्ड में उनका नाम सक्रिय रहा और सिस्टम उन्हें प्रशिक्षण में अनुपस्थित शिक्षक के तौर पर ट्रैक करता रहा। मौत की जानकारी के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ इस मामले ने शिक्षा विभाग के डेटा सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर विभाग को शिक्षक की मौत की जानकारी दी गई थी, तो उनका नाम सरकारी रिकॉर्ड से अपडेट क्यों नहीं हुआ? जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि लापरवाही कहां हुई है, इसकी जांच की जाएगी और कार्रवाई होगी। सीतामढ़ी में शिक्षा विभाग का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस शिक्षक की करीब 19 महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है, विभाग ने अब उन्हीं से प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहने पर स्पष्टीकरण मांग लिया। इतना ही नहीं, दो अलग-अलग पत्रों में उनका नाम शामिल किया गया। यह मामला बोखड़ा प्रखंड के मध्य विद्यालय बुधनगरा में कार्यरत विशिष्ट शिक्षक अनुराग सिंह का है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले अनुराग सिंह की 26 फरवरी 2025 को पूर्वी चंपारण के मेहसी में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। घटना के बाद विभाग को उनकी मौत की जानकारी दी गई थी। प्रशिक्षण से गैरहाजिर शिक्षकों की सूची में नाम इसके बावजूद डायट डुमरा में 31 अगस्त से 5 सितंबर 2026 तक आयोजित शिक्षक प्रशिक्षण में अनुपस्थित शिक्षकों की सूची में अनुराग सिंह का नाम दर्ज कर दिया गया। डायट की प्राचार्य कुमारी नेहा की ओर से भेजी गई सूची के आधार पर सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ ने 12 सितंबर को अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा। इस सूची में मृत शिक्षक का नाम भी शामिल था। 19 सितंबर के पत्र में भी नाम मामला यहीं नहीं रुका। 19 सितंबर को दोबारा स्पष्टीकरण मांगने के लिए जारी पत्र में भी अनुराग सिंह का नाम था। यानी करीब डेढ़ साल पहले मौत के बाद भी विभागीय रिकॉर्ड में उनका नाम सक्रिय रहा और सिस्टम उन्हें प्रशिक्षण में अनुपस्थित शिक्षक के तौर पर ट्रैक करता रहा। मौत की जानकारी के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं हुआ इस मामले ने शिक्षा विभाग के डेटा सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर विभाग को शिक्षक की मौत की जानकारी दी गई थी, तो उनका नाम सरकारी रिकॉर्ड से अपडेट क्यों नहीं हुआ? जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि लापरवाही कहां हुई है, इसकी जांच की जाएगी और कार्रवाई होगी।

