आंध्र प्रदेश में दिव्यांग प्रदर्शनकारियों पर हमले का आरोप, YSRCP ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

आंध्र प्रदेश में दिव्यांग प्रदर्शनकारियों पर हमले का आरोप, YSRCP ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की

Disabled Protesters Attack: आंध्र प्रदेश में DSC भर्ती और स्पोर्ट्स कोटा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रतिनिधित्व देने SAAP कार्यालय पहुंचे दिव्यांग लोगों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। YSRCP की दिव्यांग विंग के प्रदेश अध्यक्ष पुलिपति दुर्गा रेड्डी ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

दुर्गा रेड्डी ने YSRCP केंद्रीय कार्यालय में बापटला जिला दिव्यांग विंग के अध्यक्ष चल्ला रामैया के साथ प्रेस वार्ता की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिव्यांग लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और आरक्षण के तहत मिलने वाले पदों से वंचित किया गया है। इसी के विरोध में वे शांतिपूर्ण तरीके से रैली निकालकर SAAP के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपने गए थे। दुर्गा रेड्डी का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने दिव्यांग प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ रहे हैं और पुलिस को इन फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करनी चाहिए।

लाठी लेकर 10-15 लोगों के हमले का आरोप

चल्ला रामैया ने आरोप लगाया कि जब वह प्रदर्शन के दौरान बैठे हुए थे, तभी करीब 10 से 15 अज्ञात लोग लाठियां लेकर वहां पहुंचे और उन पर हमला किया। उनके मुताबिक, मौके पर मौजूद छात्रों ने उन्हें पीछे खींचकर बचाया। रामैया ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर उनकी चलने वाली छड़ी छीनकर उसी से उन पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान उनके पैर में चोट लगी।

दिव्यांग अधिकार कानून के तहत कार्रवाई की मांग

YSRCP नेताओं ने आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले में FIR दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने और न्याय के लिए प्रदर्शन करने का लोकतांत्रिक अधिकार है। यह विवाद आंध्र प्रदेश में Mega DSC-2025 के स्पोर्ट्स कोटा भर्ती को लेकर चल रहे विरोध के बीच सामने आया है। 21 सितंबर को विजयवाड़ा स्थित SAAP कार्यालय के बाहर YSRCP ने कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी और बाद में स्थिति तनावपूर्ण होने पर उन्हें तितर-बितर किया।

वहीं, आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने पहले कहा था कि स्पोर्ट्स कोटा से चयनित उम्मीदवारों की पात्रता और प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी प्रमाणपत्र में गड़बड़ी या पात्रता नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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