शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के सिमरा डभौरा गांव में 17 वर्षीय नाबालिग की जहरीला पदार्थ खाने से मौत के बाद परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार दोपहर रास्ते में रुककर प्रदर्शन किया। परिवार के मुताबिक, वे करीब एक बजे अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में रुक गए। करीब दो घंटे बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर उसकी कॉपी परिजनों को दी। इसके बाद परिवार ने अंतिम संस्कार किया। ढाई लाख रुपये लेने और धमकी देने का आरोप मृतक के भाई ने एफआईआर में बताया कि उसके 17 वर्षीय भाई का एक युवती से करीब तीन साल से प्रेम प्रसंग था। दोनों फोन पर बात करते थे। आरोप है कि इस दौरान युवती ने नाबालिग से ढाई लाख रुपये ले लिए। इसके बाद भी वह एक लाख रुपये और मांग रही थी। शिकायत के मुताबिक, रकम न दे पाने पर युवती 13 सितंबर को अपने पिता और भाइयों के साथ नाबालिग के घर पहुंची। आरोप है कि वहां गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई। परिजनों का यह भी आरोप है कि बाद में घर आकर और फोन पर भी धमकियां दी गईं। 14 सितंबर को खाया था जहरीला पदार्थ परिजनों के अनुसार, धमकियों से परेशान होकर नाबालिग ने 14 सितंबर को जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसे इलाज के लिए बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। रविवार को परिजन शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने रास्ते में रुककर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति परिजनों को सौंपी, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस बोली- जाम नहीं लगाया, मामले की विवेचना जारी गढ़िया रंगीन थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने जाम नहीं लगाया था। वे अंतिम संस्कार के लिए जाते समय रास्ते में रुक गए थे। उनकी मांग पर एफआईआर दर्ज कर उसकी कॉपी दे दी गई, जिसके बाद उन्होंने अंतिम संस्कार कर दिया। थाना प्रभारी के मुताबिक, मामले की विवेचना की जा रही है।

