आईजीआईएमएस पटना के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और गैस्ट्रो सर्जन डॉ. मनीष मंडल ने अपने पिता और कोसी क्षेत्र के चर्चित चिकित्सक स्व. डॉ. अरुण मंडल की याद में मधेपुरा में निशुल्क चिकित्सा परामर्श की शुरुआत की है। हर महीने के तीसरे रविवार को रासबिहारी स्कूल मैदान के पूरब शिविर लगाया जाता है। रविवार को भी बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचे। मधेपुरा के अलावा सहरसा और सुपौल से भी लोग विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने पहुंचे। पिता की इच्छा को आगे बढ़ा रहे डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वे इलाके के लोगों की सेवा करें। उनके निधन के बाद उनकी याद में निशुल्क चिकित्सा सेवा शुरू करने का फैसला लिया। इसके लिए उन्होंने आईजीआईएमएस के निदेशक से भी बात की थी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य सिर्फ मरीजों की जांच करना नहीं है। जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए सही अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करना भी इसका हिस्सा है। सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं की भी जानकारी डॉ. मंडल ने बताया कि मरीजों को पटना के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध इलाज और जांच की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इनमें आईजीआईएमएस, एम्स, एनएमसीएच, पीएमसीएच और ईएसआई बिहटा शामिल हैं। जरूरत के अनुसार मरीजों को इन अस्पतालों में जांच और इलाज कराने में भी मदद की जाएगी। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और जन औषधि केंद्र जैसी सुविधाओं का लाभ जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। गंदे पानी से होने वाली बीमारियों पर चिंता डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि मधेपुरा नदियों से घिरा इलाका है, इसलिए यहां पानी से होने वाली बीमारियों की समस्या ज्यादा रहती है। उन्होंने जमीन के अंदर के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, गंदा पानी और पर्यावरण से जुड़े कारण लोगों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। उन्होंने लोगों से समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। समय पर जांच से बीमारी का पता लगाना आसान डॉ. मंडल ने कहा कि मधेपुरा में अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाएं बढ़ने से कई बीमारियों का पता पहले की तुलना में जल्दी लगाया जा रहा है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में समय पर जांच और इलाज जरूरी है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर पहले सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में जांच कराएं। जरूरत पड़ने पर पटना के बड़े अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीमारी का जितनी जल्दी पता चलेगा, इलाज शुरू करना उतना आसान होगा। इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। आईजीआईएमएस पटना के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट और गैस्ट्रो सर्जन डॉ. मनीष मंडल ने अपने पिता और कोसी क्षेत्र के चर्चित चिकित्सक स्व. डॉ. अरुण मंडल की याद में मधेपुरा में निशुल्क चिकित्सा परामर्श की शुरुआत की है। हर महीने के तीसरे रविवार को रासबिहारी स्कूल मैदान के पूरब शिविर लगाया जाता है। रविवार को भी बड़ी संख्या में मरीज यहां पहुंचे। मधेपुरा के अलावा सहरसा और सुपौल से भी लोग विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह लेने पहुंचे। पिता की इच्छा को आगे बढ़ा रहे डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि उनके पिता चाहते थे कि वे इलाके के लोगों की सेवा करें। उनके निधन के बाद उनकी याद में निशुल्क चिकित्सा सेवा शुरू करने का फैसला लिया। इसके लिए उन्होंने आईजीआईएमएस के निदेशक से भी बात की थी। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य सिर्फ मरीजों की जांच करना नहीं है। जरूरत पड़ने पर उन्हें आगे की जांच और इलाज के लिए सही अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करना भी इसका हिस्सा है। सरकारी अस्पतालों की सुविधाओं की भी जानकारी डॉ. मंडल ने बताया कि मरीजों को पटना के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध इलाज और जांच की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इनमें आईजीआईएमएस, एम्स, एनएमसीएच, पीएमसीएच और ईएसआई बिहटा शामिल हैं। जरूरत के अनुसार मरीजों को इन अस्पतालों में जांच और इलाज कराने में भी मदद की जाएगी। सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और जन औषधि केंद्र जैसी सुविधाओं का लाभ जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। गंदे पानी से होने वाली बीमारियों पर चिंता डॉ. मनीष मंडल ने कहा कि मधेपुरा नदियों से घिरा इलाका है, इसलिए यहां पानी से होने वाली बीमारियों की समस्या ज्यादा रहती है। उन्होंने जमीन के अंदर के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, गंदा पानी और पर्यावरण से जुड़े कारण लोगों की सेहत पर असर डाल सकते हैं। उन्होंने लोगों से समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। समय पर जांच से बीमारी का पता लगाना आसान डॉ. मंडल ने कहा कि मधेपुरा में अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन जैसी जांच सुविधाएं बढ़ने से कई बीमारियों का पता पहले की तुलना में जल्दी लगाया जा रहा है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में समय पर जांच और इलाज जरूरी है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर पहले सदर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में जांच कराएं। जरूरत पड़ने पर पटना के बड़े अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बीमारी का जितनी जल्दी पता चलेगा, इलाज शुरू करना उतना आसान होगा। इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।

