‘बैंक फायदे में है, पैक्स आर्थिक संकट से जूझ रहे’:मगध सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की बैठक में उठा बदहाली का मुद्दा, राजद नेता बोले- कमजोर हो रही सहकारिता व्यवस्था

‘बैंक फायदे में है, पैक्स आर्थिक संकट से जूझ रहे’:मगध सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की बैठक में उठा बदहाली का मुद्दा, राजद नेता बोले- कमजोर हो रही सहकारिता व्यवस्था

मगध सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की वार्षिक आमसभा में बैंक की तरक्की के साथ पैक्स की बदहाली का मुद्दा भी उठा। सदस्यों और पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि बैंक लगातार लाभ में है, लेकिन पैक्स आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई पैक्स कर्मियों का तीन महीने से वेतन बकाया है। ऐसे में पैक्स के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। आमसभा में नैनो खाद की बिक्री का मुद्दा भी उठा। पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि सहकारी समितियों पर नैनो खाद नहीं थोपी जाए। किसानों की जरूरत के हिसाब से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो। नैनो खाद की बिक्री को लेकर पैक्स पर दबाव नहीं बनाया जाए। विधान पार्षद सुनील सिंह बोले- किसानों को उचित मूल्य पर खाद नहीं मिल रही विधान पार्षद सुनील सिंह ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर खाद नहीं मिल रही है। यूरिया के प्रति बोरे पर किसानों से अतिरिक्त राशि लिए जाने की शिकायत है। उन्होंने कहा कि जिले में आने वाली कुल खाद का कम से कम 25% हिस्सा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिलना चाहिए। उन्होंने पैक्स के सीएमआर भुगतान का मामला भी उठाया। उनके अनुसार 2551 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित था। सदन में मामला उठाने और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बाद करीब 1300 करोड़ रुपए का भुगतान जारी किया गया। इसके बावजूद गया, जहानाबाद और अरवल में करीब 160 करोड़ रुपए बकाया रहे। इसमें करीब 80 करोड़ का ही भुगतान हुआ है। बोले- भुगतान में देरी का असर अगले साल धान अधिप्राप्ति पर पड़ेगा सुनील सिंह ने कहा कि नियम के अनुसार 72 घंटे में भुगतान होना चाहिए। लेकिन कई पैक्स छह महीने से ज्यादा समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में पैक्स डिफॉल्टर हो सकते हैं। इसका असर अगले साल धान अधिप्राप्ति पर भी पड़ेगा। उन्होंने फसल क्षति के मुआवजे की सीमा बढ़ाने की मांग की। कहा कि बाढ़ या सुखाड़ से हुए वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। पैक्स अध्यक्षों के बकाए का भुगतान ब्याज सहित करने की भी मांग रखी। आम सभा में भिंडस डेयरी का भी मुद्दा उठा, पांच साल से तैयार होने के बाजवूद चालू नहीं आमसभा में पैक्स को मजबूत करने के लिए संगठन बनाने की बात भी कही गई। वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग पैक्स की आवाज सरकार तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रही है। संगठन बनने से समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाया जा सकेगा। इस दौरान भिंडस डेयरी का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि डेयरी पिछले पांच साल से तैयार होने के बावजूद चालू नहीं हो सकी है। वक्ताओं ने कहा कि डेयरी शुरू होती तो हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता था। एसएफसी स्तर से इसे लेकर मामला अटकाए जाने की बात भी कही गई। पूर्व मंत्री अवधेश सिंह ने एमडी से पैक्स की समस्याओं को लेकर सवाल किए। उन्होंने नैनो खाद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कहा गया कि बिहार में पैक्स पर नैनो खाद नहीं थोपी जानी चाहिए।
इस मौके पर जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री अवधेश सिंह, विधायक अजय दांगी समेत कई नेता मौजूद रहे। सुनील सिंह ने बैंक के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बैंक लगातार पांच साल से लाभ में है। इस वर्ष दो करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध लाभ हुआ है। 2012 में बैंक का डिपॉजिट करीब 28 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर करीब 140 करोड़ रुपए हो गया है। पूर्व विधायक सह को-ऑपरेटिव अध्यक्ष बोले- उम्मीद हैं, समस्याओं को दूर करने की पहल होगी पूर्व विधायक व को-ऑपरेटिव अध्यक्ष ने कहा कि आमसभा में पैक्स की वास्तविक समस्याएं रखी गई हैं। उम्मीद है कि इन समस्याओं को दूर कराने की पहल होगी। सुनील सिंह ने मीडिया से बातचीत में बिहार की मौजूदा राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने जदयू के भविष्य को लेकर दावा किया कि आने वाले समय में पार्टी के नेताओं के अलग-अलग दिशा में जाने की स्थिति बन सकती है। कोई इधर गिरेंगे तो कोई उधर गिरेंगे। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया। मगध सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की वार्षिक आमसभा में बैंक की तरक्की के साथ पैक्स की बदहाली का मुद्दा भी उठा। सदस्यों और पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि बैंक लगातार लाभ में है, लेकिन पैक्स आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई पैक्स कर्मियों का तीन महीने से वेतन बकाया है। ऐसे में पैक्स के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है। आमसभा में नैनो खाद की बिक्री का मुद्दा भी उठा। पैक्स अध्यक्षों ने कहा कि सहकारी समितियों पर नैनो खाद नहीं थोपी जाए। किसानों की जरूरत के हिसाब से खाद की उपलब्धता सुनिश्चित हो। नैनो खाद की बिक्री को लेकर पैक्स पर दबाव नहीं बनाया जाए। विधान पार्षद सुनील सिंह बोले- किसानों को उचित मूल्य पर खाद नहीं मिल रही विधान पार्षद सुनील सिंह ने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर खाद नहीं मिल रही है। यूरिया के प्रति बोरे पर किसानों से अतिरिक्त राशि लिए जाने की शिकायत है। उन्होंने कहा कि जिले में आने वाली कुल खाद का कम से कम 25% हिस्सा सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को मिलना चाहिए। उन्होंने पैक्स के सीएमआर भुगतान का मामला भी उठाया। उनके अनुसार 2551 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित था। सदन में मामला उठाने और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बाद करीब 1300 करोड़ रुपए का भुगतान जारी किया गया। इसके बावजूद गया, जहानाबाद और अरवल में करीब 160 करोड़ रुपए बकाया रहे। इसमें करीब 80 करोड़ का ही भुगतान हुआ है। बोले- भुगतान में देरी का असर अगले साल धान अधिप्राप्ति पर पड़ेगा सुनील सिंह ने कहा कि नियम के अनुसार 72 घंटे में भुगतान होना चाहिए। लेकिन कई पैक्स छह महीने से ज्यादा समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में पैक्स डिफॉल्टर हो सकते हैं। इसका असर अगले साल धान अधिप्राप्ति पर भी पड़ेगा। उन्होंने फसल क्षति के मुआवजे की सीमा बढ़ाने की मांग की। कहा कि बाढ़ या सुखाड़ से हुए वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए। पैक्स अध्यक्षों के बकाए का भुगतान ब्याज सहित करने की भी मांग रखी। आम सभा में भिंडस डेयरी का भी मुद्दा उठा, पांच साल से तैयार होने के बाजवूद चालू नहीं आमसभा में पैक्स को मजबूत करने के लिए संगठन बनाने की बात भी कही गई। वक्ताओं ने कहा कि अलग-अलग पैक्स की आवाज सरकार तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रही है। संगठन बनने से समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाया जा सकेगा। इस दौरान भिंडस डेयरी का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि डेयरी पिछले पांच साल से तैयार होने के बावजूद चालू नहीं हो सकी है। वक्ताओं ने कहा कि डेयरी शुरू होती तो हजारों लोगों को रोजगार मिल सकता था। एसएफसी स्तर से इसे लेकर मामला अटकाए जाने की बात भी कही गई। पूर्व मंत्री अवधेश सिंह ने एमडी से पैक्स की समस्याओं को लेकर सवाल किए। उन्होंने नैनो खाद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। कहा गया कि बिहार में पैक्स पर नैनो खाद नहीं थोपी जानी चाहिए।
इस मौके पर जहानाबाद सांसद सुरेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री अवधेश सिंह, विधायक अजय दांगी समेत कई नेता मौजूद रहे। सुनील सिंह ने बैंक के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बैंक लगातार पांच साल से लाभ में है। इस वर्ष दो करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध लाभ हुआ है। 2012 में बैंक का डिपॉजिट करीब 28 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर करीब 140 करोड़ रुपए हो गया है। पूर्व विधायक सह को-ऑपरेटिव अध्यक्ष बोले- उम्मीद हैं, समस्याओं को दूर करने की पहल होगी पूर्व विधायक व को-ऑपरेटिव अध्यक्ष ने कहा कि आमसभा में पैक्स की वास्तविक समस्याएं रखी गई हैं। उम्मीद है कि इन समस्याओं को दूर कराने की पहल होगी। सुनील सिंह ने मीडिया से बातचीत में बिहार की मौजूदा राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने जदयू के भविष्य को लेकर दावा किया कि आने वाले समय में पार्टी के नेताओं के अलग-अलग दिशा में जाने की स्थिति बन सकती है। कोई इधर गिरेंगे तो कोई उधर गिरेंगे। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप भी लगाया।  

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