बाड़मेर नगर परिषद में 13वें सभापति के लिए कल मतदान होगा। 55 पार्षदों वाली परिषद में भाजपा 29 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत में है और उसे 5 निर्दलीयों का समर्थन भी मिला हुआ है, फिर भी पार्टी क्रॉस वोटिंग को लेकर सतर्क है। कांग्रेस के पास 21 पार्षद हैं। भाजपा ने वार्ड 15 के गौतम जैन (बॉबी) और कांग्रेस ने वार्ड 32 के जयमल सिंह को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है। सभापति पद के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक वोटिंग होगी और इसके बाद मतगणना कर परिणाम जारी किया जाएगा। फिलहाल दलों ने अपने पार्षदों को बाड़ेबंदी में रखा है। भाजपा के 29, कांग्रेस के 21 और 5 निर्दलीय 55 वार्ड वाली नगर परिषद में भाजपा के 29, कांग्रेस के 21 और 5 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। ऐसे में भाजपा के पास बहुमत का आंकड़ा है। इसके साथ ही पार्टी को निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी मिला हुआ है। कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने पर पूर्व उपसभापति सुरतानसिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। अब वे भाजपा के कैंप में हैं। ऐसे में सभापति चुनाव में भाजपा के पक्ष में निर्दलीय पार्षदों का समर्थन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों दलों को क्रॉस वोटिंग का डर सभापति चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने-अपने पार्षदों को अज्ञातवास में रखे हुए हैं। मतदान के दिन सभी पार्षदों को एक साथ बाड़मेर नगर परिषद लाया जाएगा। दोनों दल क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर रहे हैं। 22 सितंबर को उपसभापति के लिए नामांकन उपसभापति पद के लिए 22 सितंबर को चुनाव होगा। सुबह 10 बजे बैठक होगी और 11 बजे नामांकन पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। 11:30 बजे नामांकन पत्रों की जांच होगी। दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी का समय रहेगा। आवश्यकता होने पर दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। बाड़मेर में एक बार हुआ था सीधे चुनाव पूर्ववर्ती सरकार में एक बार नगर निकाय के सीधे चुनाव हुए थे। इसमें बाड़मेर नगर परिषद में उषा जैन सभापति बनी थीं। इसके अलावा सभी चुनावों में पार्षदों के वोट से सभापति चुने गए हैं। अब तक 12 बोर्ड बन चुके हैं। इनमें कांग्रेस का साल 2009 से लगातार कब्जा रहा है। भाजपा 17 साल बाद स्पष्ट बहुमत में पहुंची है। बाड़मेर में छठी बार जैन समाज से सभापति बाड़मेर नगर परिषद में अब तक 12 बोर्ड बने हैं। इनमें छह बार जैन समाज से सभापति रहे हैं। सुरतानमल जैन दो बार, जबकि सुशीला मेहता, मेवाराम जैन, उषा जैन और लूणकरण बोथरा एक-एक बार सभापति रहे हैं। अब 13वां बोर्ड बनने जा रहा है। बाड़मेर शहर के कई वार्डों में जैन समाज के मतदाताओं की संख्या प्रभावी मानी जाती है, जिससे सभापति पद के चुनाव में भी समाज की भूमिका चर्चा में रहती है। गौतम जैन आरएसएस पृष्ठभूमि से गौतम जैन को सभापति पद का उम्मीदवार बनाए जाने के पीछे उनकी आरएसएस पृष्ठभूमि को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। भाजपा में शामिल होने के साथ ही उनका नाम सभापति पद के संभावित चेहरों में चर्चा में आ गया था। वार्ड 15 में लंबे समय से कांग्रेस का प्रभाव रहा है और भाजपा को यहां मजबूत उम्मीदवार की तलाश थी। ऐसे में पार्टी पदाधिकारियों ने गौतम जैन से संपर्क कर उन्हें भाजपा में शामिल कराया और चुनाव मैदान में उतारा। गौतम जैन 11वीं पास हैं और चुनावी शपथ पत्र के अनुसार उनकी संपत्ति करीब 2.15 करोड़ रुपए है। उनके बड़े भाई पारसमल जैन लंबे समय से भाजपा समर्थक रहे हैं। जैन परिवार का कोयला ट्रेडिंग और पेट्रोल पंप का कारोबार है। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। बेटा अहमदाबाद में कपड़ा कारोबार करता है। गौतम जैन दो बार नाकोड़ा ट्रस्ट के ट्रस्टी भी रह चुके हैं और वर्तमान में भी ट्रस्टी हैं। कांग्रेस ने जयमल सिंह पर जताया भरोसा कांग्रेस ने वार्ड 32 से जीते जयमल सिंह को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है। इससे पहले उनकी पत्नी लक्ष्मी कंवर पार्षद रह चुकी हैं। जयमल सिंह प्रॉपर्टी डीलर हैं और 12वीं पास हैं। चुनावी शपथ पत्र के अनुसार उनकी संपत्ति करीब 74.20 लाख रुपए है।

