अलवर नगर निगम मेयर के चुनाव की वोटिंग से पहले शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे बीजेपी ने एक फोटो जारी की, जिसमें 40 पार्षद होने का दावा किया गया है। फोटो के जरिए 28 पार्टी और 12 निर्दलीय पार्षद बताए हैं। कांग्रेस की बाड़ेबंदी से ऐसा कोई फोटो सामने नहीं आया है, जिसमें उन्होंने अलवर नगर निगम का मेयर बनाने का दावा करते हुए पार्षद दिखाए। वैसे मौखिक तौर पर कांग्रेस के नेता बराबर खुद का मेयर बनाने की बात दोहरा रहे हैं, जिससे लगता है अब कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की उम्मीद है। ऐसा 2019 के नगर परिषद अलवर के चेयरमैन के चुनाव में हो चुका है। लेकिन इस बार बीजेपी की सरकार में क्रॉस वोटिंग होना आसान नहीं है। 10 बजे से वोटिंग, 2 बजे बाद मेयर की घोषणा अलवर नगर निगम की पहली मेयर की कुर्सी के लिए वोटिंग सोमवार सुबह 10 बजे से 2 बजे के बीच में होगी। वोटिंग के कुछ देर बाद ही परिणाम सामने आ जाएगा। बीजेपी से वार्ड 7 की पार्षद सुमनलता अग्रवाल और कांग्रेस से वार्ड 39 की पार्षद कमलेश शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है। बीजेपी के 65 में से 28 पार्षद जीते हैं वहीं कांग्रेस के 23 जीते हैं। 13 निर्दलीय में से 12 बीजेपी के पास होने का दावा किया गया है। असल में 2019 के नगर परिषद सभापति के चुनाव में कांग्रेस के 19 पार्षद जीते थे। इस बार 23 जीते हैं। पहले 19 निर्दलीय जीते थे। इस बार 13 ही निर्दलीय जीते हैं। 700 KM दूर बाड़ेबंदी से निकले पार्षद नगर निगम चुनाव में 65 नवनिर्वाचित पार्षद अलग-अलग बाडे़बंदी में हैं। बीजेपी के पार्षद अलवर से करीब 700 किलोमीटर दूर चले गए थे। लेकिन अब वहां से निकल गए हैं। रविवार की रात बीजेपी के पार्षद गुरुग्राम के आसपास रुकेंगे। 21 सितंबर को सीधे वोट करने अलवर नगर निगम कार्यालय आएंगे। कांग्रेस के पार्षद 100 किलोमीटर दूर से आएंगे कांग्रेस के 23 पार्षद अलवर से करीब 100 किलोमीटर दूर जयपुर के आसपास रिसोर्ट में हैं। वे 21 सितंबर को सीधे जयपुर से अलवर आएंगे। पहले अधिकतर पार्षदों को नगर निगम में पार्षद का सर्टिफिकेट देकर शपथ दिलाई जाएगी। उसके बाद एक-एक से वोट डलवाए जाएंगे। वोट डालने के बाद पार्षद वापस बसों में बैठकर निकल जाएंगे।

