पूर्णिया के बनमनखी प्रखंड प्रमुख पर पंचायत समिति सदस्यों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय में पंचायत समिति सदस्यों ने शनिवार को प्रमुख कामेश्वर टुडू के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि वित्तीय वर्ष में लगभग ढाई करोड़ रुपए की योजना राशि को सभी समिति क्षेत्रों में समान रूप से नहीं बांटा गया। प्रमुख और उनके कुछ चुनिंदा सहयोगी सदस्यों के बीच मनमाने तरीके से बांट लिया गया है। प्रदर्शन का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें सदस्य प्रमुख के चैंबर के अंदर नारेबाजी करते दिख रहे हैं। वहीं, प्रखंड प्रमुख कामेश्वर टुडू ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर पंचायत समिति सदस्य नहीं थे। उनके पति और प्रतिनिधि हंगामा कर रहे थे। राशि का दुरुपयोग करने का आरोप कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए पंचायत समिति सदस्यों ने कहा कि नियम और सरकारी निर्देशों के अनुसार योजना राशि का बंटवारा सभी समिति क्षेत्रों में समानुपातिक रूप से होना चाहिए। सदस्यों ने आरोप लगाया कि कमिशनखोरी और साठगांठ के जरिए राशि का दुरुपयोग किया गया है। भ्रष्टाचार के मामलों का करेंगे खुलासा प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला और सभी क्षेत्रों में राशि का सही वितरण नहीं किया गया, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व में हुए भ्रष्टाचार के मामलों का भी खुलासा करेंगे। सभी आरोप निराधार- प्रखंड प्रमुख इस मामले में प्रखंड प्रमुख कामेश्वर टुडू ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि चैंबर में आकर जो भी बंदरबांट या गबन के दावे किए गए हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। प्रखंड प्रमुख ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन करने वालों में अधिकतर पंचायत समिति सदस्यों के प्रतिनिधि या पति शामिल थे। आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के मान सम्मान पर ठेस प्रखंड प्रमुख ने कहा कि विरोधी पक्ष का काम ही नारेबाजी और विरोध करना है। जिस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे आदिवासी समाज से आने वाले प्रतिनिधि के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश है। यदि भविष्य में कार्यालय में या बाहर इस तरह का गलत व्यवहार दोहराया गया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के वक्त नहीं थे प्रमुख चैंबर में प्रखंड प्रमुख कामेश्वर टुडू ने बताया कि यह हंगामा जिस वक्त हुआ वो अपने चैंबर में नहीं थे। मेरी गैरमौजूदगी में सभी लोग चैंबर में घुसकर हंगामा कर रहे थे। जबकि पंचायत सदस्य को सीधे प्रमुख से आकर मामले में संपर्क करना चाहिए था। ये हंगामा गैरमौजूदगी में हुआ है । ढाई करोड़ की योजना नहीं: बीडीओ वहीं, इस पूरे प्रकरण में बनमनखी के प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि प्रमुख की ओर से दी गई योजनाएं प्राथमिकता सूची में अपलोड हैं। ढाई करोड़ रुपए की योजनाओं का मामला नहीं है, बल्कि यह करीब 40 से 50 लाख रुपए की योजनाएं हैं। पूर्णिया के बनमनखी प्रखंड प्रमुख पर पंचायत समिति सदस्यों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय में पंचायत समिति सदस्यों ने शनिवार को प्रमुख कामेश्वर टुडू के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। सदस्यों ने आरोप लगाया है कि वित्तीय वर्ष में लगभग ढाई करोड़ रुपए की योजना राशि को सभी समिति क्षेत्रों में समान रूप से नहीं बांटा गया। प्रमुख और उनके कुछ चुनिंदा सहयोगी सदस्यों के बीच मनमाने तरीके से बांट लिया गया है। प्रदर्शन का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें सदस्य प्रमुख के चैंबर के अंदर नारेबाजी करते दिख रहे हैं। वहीं, प्रखंड प्रमुख कामेश्वर टुडू ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वालों में ज्यादातर पंचायत समिति सदस्य नहीं थे। उनके पति और प्रतिनिधि हंगामा कर रहे थे। राशि का दुरुपयोग करने का आरोप कार्यालय परिसर में नारेबाजी करते हुए पंचायत समिति सदस्यों ने कहा कि नियम और सरकारी निर्देशों के अनुसार योजना राशि का बंटवारा सभी समिति क्षेत्रों में समानुपातिक रूप से होना चाहिए। सदस्यों ने आरोप लगाया कि कमिशनखोरी और साठगांठ के जरिए राशि का दुरुपयोग किया गया है। भ्रष्टाचार के मामलों का करेंगे खुलासा प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने स्पष्ट किया कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला और सभी क्षेत्रों में राशि का सही वितरण नहीं किया गया, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व में हुए भ्रष्टाचार के मामलों का भी खुलासा करेंगे। सभी आरोप निराधार- प्रखंड प्रमुख इस मामले में प्रखंड प्रमुख कामेश्वर टुडू ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि चैंबर में आकर जो भी बंदरबांट या गबन के दावे किए गए हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है। प्रखंड प्रमुख ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन करने वालों में अधिकतर पंचायत समिति सदस्यों के प्रतिनिधि या पति शामिल थे। आदिवासी समाज के प्रतिनिधि के मान सम्मान पर ठेस प्रखंड प्रमुख ने कहा कि विरोधी पक्ष का काम ही नारेबाजी और विरोध करना है। जिस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे आदिवासी समाज से आने वाले प्रतिनिधि के मान-सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश है। यदि भविष्य में कार्यालय में या बाहर इस तरह का गलत व्यवहार दोहराया गया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हंगामे के वक्त नहीं थे प्रमुख चैंबर में प्रखंड प्रमुख कामेश्वर टुडू ने बताया कि यह हंगामा जिस वक्त हुआ वो अपने चैंबर में नहीं थे। मेरी गैरमौजूदगी में सभी लोग चैंबर में घुसकर हंगामा कर रहे थे। जबकि पंचायत सदस्य को सीधे प्रमुख से आकर मामले में संपर्क करना चाहिए था। ये हंगामा गैरमौजूदगी में हुआ है । ढाई करोड़ की योजना नहीं: बीडीओ वहीं, इस पूरे प्रकरण में बनमनखी के प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि प्रमुख की ओर से दी गई योजनाएं प्राथमिकता सूची में अपलोड हैं। ढाई करोड़ रुपए की योजनाओं का मामला नहीं है, बल्कि यह करीब 40 से 50 लाख रुपए की योजनाएं हैं।

