सीतापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित साईं संजीवनी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक मरीज की हालत बिगड़ने का मामला सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन राष्ट्र-शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष मनीष त्रिपाठी ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही और ऑपरेशन में गड़बड़ी का आरोप लगाया। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और डीएम से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है। मनीष त्रिपाठी के मुताबिक उनके भाई सूरज त्रिपाठी का 27 अगस्त को अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के चौथे दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजनों का आरोप है कि घर पहुंचने के बाद दवा खाने से शरीर पर लाल चकत्ते पड़ गए। ऑपरेशन वाली जगह से भी लगातार मवाद निकलता रहा। पट्टी और दोबारा ऑपरेशन के बाद भी संक्रमण का आरोप परिजनों का कहना है कि अस्पताल में कई दिनों तक ऑपरेशन वाली जगह की पट्टी की गई, लेकिन संक्रमण कम होने के बजाय बढ़ता गया। बाद में दोबारा ऑपरेशन भी किया गया, इसके बावजूद मवाद निकलना बंद नहीं हुआ। इसके बाद परिवार ने मरीज को दूसरे डॉक्टर को दिखाया, जहां हालत गंभीर बताकर लखनऊ में इलाज कराने की सलाह दी गई।
केस समरी में तारीखों की गड़बड़ी का दावा मनीष त्रिपाठी का आरोप है कि अस्पताल से केस समरी मांगने पर काफी प्रयास के बाद दस्तावेज दिए गए। उनका दावा है कि केस समरी में ऑपरेशन और टांके काटने की तारीख को लेकर भी गड़बड़ी है। परिजनों ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की योग्यता और पंजीकरण पर भी सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। डीएम से अस्पताल की पूरी जांच कराने की मांग किसान नेता ने अस्पताल पर मरीजों से अधिक रकम वसूलने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज का खर्च उठाने की बात कही है, लेकिन उनका उद्देश्य सिर्फ अपने भाई का इलाज कराना नहीं है। उन्होंने डीएम से अस्पताल के दस्तावेज, डॉक्टरों की योग्यता और पंजीकरण के साथ इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है, ताकि दूसरे मरीजों को परेशानी न हो।

