बेतिया के बलिराम भवन सभागार में आशा फैसिलिटेटर संघ एटक की बैठक हुई। बैठक में आशा फैसिलिटेटरों की कार्य परिस्थितियों, भुगतान और लंबे समय से लंबित मांगों पर चर्चा की गई। एटक बिहार के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति भी बैठक में शामिल हुए। 21 दिन की जगह 30 दिन के काम का भुगतान मांगा बैठक में आशा फैसिलिटेटरों को वर्तमान में मिल रहे 21 दिन के भुगतान को बढ़ाकर पूरे 30 दिन करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि आशा फैसिलिटेटर लगातार फील्ड में काम करती हैं, इसलिए उनके वास्तविक कार्य के अनुरूप पूरा भुगतान किया जाना चाहिए। संघ ने आशा फैसिलिटेटरों को चयन पत्र देने की मांग की। इसके अलावा फील्ड में आवागमन और कामकाज को आसान बनाने के लिए स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। भुगतान में देरी का मुद्दा उठा बैठक में मानदेय और अन्य भुगतानों को नियमित करने पर भी जोर दिया गया। संघ के सदस्यों ने कहा कि भुगतान में देरी के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सेवा से जुड़े मामलों में जन्मतिथि निर्धारण को लेकर भी चर्चा हुई। संघ ने मांग की कि आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के बजाय आशा फैसिलिटेटर के वैध प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि को मान्य किया जाए। स्वास्थ्य व्यवस्था में अहम भूमिका का हवाला वक्ताओं ने कहा कि आशा फैसिलिटेटर स्वास्थ्य विभाग के कई कार्यक्रमों और अभियानों को फील्ड स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें कई स्तर पर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संघ ने सरकार और विभाग से सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की बैठक में संघ के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में आशा फैसिलिटेटर मौजूद रहीं। बेतिया के बलिराम भवन सभागार में आशा फैसिलिटेटर संघ एटक की बैठक हुई। बैठक में आशा फैसिलिटेटरों की कार्य परिस्थितियों, भुगतान और लंबे समय से लंबित मांगों पर चर्चा की गई। एटक बिहार के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी ओम प्रकाश क्रांति भी बैठक में शामिल हुए। 21 दिन की जगह 30 दिन के काम का भुगतान मांगा बैठक में आशा फैसिलिटेटरों को वर्तमान में मिल रहे 21 दिन के भुगतान को बढ़ाकर पूरे 30 दिन करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि आशा फैसिलिटेटर लगातार फील्ड में काम करती हैं, इसलिए उनके वास्तविक कार्य के अनुरूप पूरा भुगतान किया जाना चाहिए। संघ ने आशा फैसिलिटेटरों को चयन पत्र देने की मांग की। इसके अलावा फील्ड में आवागमन और कामकाज को आसान बनाने के लिए स्कूटी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। भुगतान में देरी का मुद्दा उठा बैठक में मानदेय और अन्य भुगतानों को नियमित करने पर भी जोर दिया गया। संघ के सदस्यों ने कहा कि भुगतान में देरी के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सेवा से जुड़े मामलों में जन्मतिथि निर्धारण को लेकर भी चर्चा हुई। संघ ने मांग की कि आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि के बजाय आशा फैसिलिटेटर के वैध प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि को मान्य किया जाए। स्वास्थ्य व्यवस्था में अहम भूमिका का हवाला वक्ताओं ने कहा कि आशा फैसिलिटेटर स्वास्थ्य विभाग के कई कार्यक्रमों और अभियानों को फील्ड स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद उन्हें कई स्तर पर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। संघ ने सरकार और विभाग से सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की बैठक में संघ के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में आशा फैसिलिटेटर मौजूद रहीं।

