जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी APK फाइल के जरिए लोगों से ठगी करते थे। एसपी शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। इस टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के दुधानी और जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में विकास मंडल (22), देव दत्त (20), जयदेव साहनी (19) और सिद्धार्थ दत्त (34) शामिल हैं। इनके पास से 13 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, आठ एटीएम कार्ड और एक चेकबुक मिली है। मनीष कुमार मंडल के घर पर साइबर अपराध से जुड़े जरूरी सबूत मिले एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि विकास मंडल से 2.20 लाख रुपए नकद मिले हैं। मनीष कुमार मंडल के घर पर छापेमारी के दौरान भी साइबर अपराध से जुड़े जरूरी सबूत और नकदी मिलने की जानकारी पुलिस ने दी है। एसपी ने कहा कि मनीष मंडल समेत अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजते थे। वे हरियाणा सिटी गैस और अडानी गैस के ग्राहकों को निशाना बनाते थे। झांसे में लेकर APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी जैसे ही कोई ग्राहक APK इंस्टॉल करता था, आरोपी उसके मोबाइल की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इसी तरह, बैंकों के ग्राहकों को भी झांसे में लेकर APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। फिर मोबाइल में मौजूद जरूरी जानकारी का इस्तेमाल कर साइबर अपराध किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 59/26 दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क, बैंक खातों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जाएगी। जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्जी APK फाइल के जरिए लोगों से ठगी करते थे। एसपी शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी अमित कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। इस टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के दुधानी और जामताड़ा थाना क्षेत्र के सोनबाद में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में विकास मंडल (22), देव दत्त (20), जयदेव साहनी (19) और सिद्धार्थ दत्त (34) शामिल हैं। इनके पास से 13 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, आठ एटीएम कार्ड और एक चेकबुक मिली है। मनीष कुमार मंडल के घर पर साइबर अपराध से जुड़े जरूरी सबूत मिले एसपी शंभू कुमार सिंह ने बताया कि विकास मंडल से 2.20 लाख रुपए नकद मिले हैं। मनीष कुमार मंडल के घर पर छापेमारी के दौरान भी साइबर अपराध से जुड़े जरूरी सबूत और नकदी मिलने की जानकारी पुलिस ने दी है। एसपी ने कहा कि मनीष मंडल समेत अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजते थे। वे हरियाणा सिटी गैस और अडानी गैस के ग्राहकों को निशाना बनाते थे। झांसे में लेकर APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी जैसे ही कोई ग्राहक APK इंस्टॉल करता था, आरोपी उसके मोबाइल की गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद वे साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इसी तरह, बैंकों के ग्राहकों को भी झांसे में लेकर APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। फिर मोबाइल में मौजूद जरूरी जानकारी का इस्तेमाल कर साइबर अपराध किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 59/26 दर्ज किया गया है। भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे। पुलिस उनके आपराधिक नेटवर्क, बैंक खातों और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साइबर अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जाएगी।

