सोशल मीडिया पर निवेश के नाम पर साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। बन्नादेवी क्षेत्र के युवक को इंस्टाग्राम पर निवेश में अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। इसके बाद ठगों ने उसे टेलीग्राम और फिर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। भरोसा बढ़ाने के लिए युवक से 130 रुपए निकलवाकर उसके खाते में वापस भी भेजे गए। इसके बाद युवक ने अलग-अलग किस्तों में 2 लाख 87 हजार 460 रुपए जमा कर दिए। रकम पहुंचते ही ठगों ने वेबसाइट बंद कर दी और संपर्क भी खत्म कर दिया।
इंस्टाग्राम के विज्ञापन से शुरू हुआ पूरा खेल
पीड़ित सूर्यांश आदित्य के मुताबिक, उसे इंस्टाग्राम पर निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया था। विज्ञापन में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का दावा किया गया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया।
कुछ समय बाद उसे ‘मिलेनियम वेल्थ’ नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल किया गया। यहां निवेश के तरीके और मुनाफे से संबंधित जानकारी देकर उसे रकम लगाने के लिए तैयार किया गया।
130 रुपए वापस मिले तो बढ़ा भरोसा
ठगों ने शुरुआत में ऐसा तरीका अपनाया, जिससे पीड़ित को प्लेटफॉर्म के वास्तविक होने का विश्वास हो गया। सूर्यांश ने जब करीब 130 रुपए निकालने का अनुरोध किया तो रकम उसके खाते में वापस भेज दी गई।
पैसे वापस मिलने के बाद उसे लगा कि प्लेटफॉर्म पर किया जा रहा निवेश वास्तविक है। इसके बाद उसने ठगों के बताए तरीके से अलग-अलग किस्तों में कुल 2,87,460 रुपए ट्रांसफर कर दिए।
लाखों रुपए जमा होते ही वेबसाइट बंद
रकम जमा करने के बाद अचानक निवेश से जुड़ी मूल वेबसाइट बंद हो गई। पीड़ित ने संपर्क करने का प्रयास किया तो ठगों ने एक नए मोबाइल नंबर से दूसरी वेबसाइट का लिंक भेजा।
इसके साथ ही उसे एक नया ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। कुछ समय बाद उसे व्हाट्सएप ग्रुप से भी हटा दिया गया। इसके बाद न तो रकम वापस मिली और न ही आरोपियों से संपर्क हो सका।
साइबर पोर्टल पर शिकायत के बाद FIR
ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर बन्नादेवी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर हरिभान सिंह राठौर के अनुसार, मामले की जांच निरीक्षक नरेंद्र कुमार शर्मा कर रहे हैं। पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।

