श्रावस्ती के इकौना देहात इलाके में तालाब की सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। शनिवार को पीड़ित परिवारों ने बताया कि करीब 7 से 8 परिवारों के मकानों के अतिक्रमण वाले हिस्से को ढहाया गया। इनमें एक मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिला घर भी शामिल है। प्रभावित परिवारों ने बताया कि बुलडोजर की यह कार्रवाई करीब चार दिनों तक रुक-रुककर थोड़ी-थोड़ी देर चली। प्रशासन के मुताबिक यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर तालाब की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित करके की गई है। दो तस्वीरें देखें वहीं, कार्रवाई से प्रभावित परिवारों ने इस पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि उनके परिवार कई दशकों से यहां रह रहे हैं। प्रभावित परिवारों ने कथित आरोप लगाया कि कभी 26 मीटर तो कभी 36 मीटर जमीन की बात बताकर उनके मकान के हिस्से गिराए गए। उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। कार्रवाई के दौरान एक महिला अपने ढहाए गए मकान को देखकर रोने लगी। महिला ने आरोप लगाया कि उसे 2016 में आवास योजना के तहत घर मिला था, जिसे बुलडोजर से ढहा दिया गया। महिला का कहना था कि अब उसके सामने रहने की जगह नहीं बची है और वह अपने बच्चों के साथ कहां जाएगी। इकौना देहात के मारूफ उर्फ कल्लू ने बताया कि करीब 4 दिनों से प्रशासन थोड़ा-थोड़ा करके रुक रुक कर मकानों के अतिक्रमण वाले हिस्से को ढहा रहा था। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनके पूर्वज भी लंबे समय से इसी जगह पर रहते आए हैं। कार्रवाई के बाद इन परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। प्रशासन ने तालाब की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन परिवारों के पुनर्वास या आवास को लेकर क्या कदम उठाता है।

