संतकबीरनगर में धनघटा पुलिस ने पैनकार्ड नंबर और सर्विलांस की मदद से दो साल से लापता युवक को पटना से ढूंढ निकाला है। युवक पड़ोसियों द्वारा मुकदमे में फंसाने की धमकी से डरकर और अफसर बनने की चाह में घर छोड़कर चला गया था। धनघटा एसओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि जगदीशपुर गांव निवासी 21 वर्षीय अनिल पुत्र सत्यनारायण सितंबर 2024 में घर से लापता हो गया था। उसके भाई सुनील ने 20 सितंबर 2024 को धनघटा थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल रहा था। इसी बीच घर के पते पर रजिस्टर्ड डाक से अनिल का पैनकार्ड पहुंचा। इस पर भाई सुनील ने एसपी संदीप कुमार मीना को आवेदन दिया। एसपी के कहने पर पुलिस ने पैनकार्ड में दर्ज नंबर के आधार पर सर्विलांस टीम की मदद ली। युवक की लोकेशन पटना में मिली। लोकेशन मिलते ही एसआई नंदू गौतम और कांस्टेबल रवि चौरसिया को पटना भेजा गया। टीम ने शुक्रवार को पटना से अनिल को ढूंढा और थाने लाई। पूछताछ में अनिल ने बताया कि वह पढ़ाई में अच्छा था और अफसर बनना चाहता था। पड़ोसी अक्सर मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे, इसी डर से वह बिना परिजनों को बताए घर छोड़ गया था। पहले वह जयपुर गया, फिर बेंगलुरु और पुणे होते हुए पटना में रहने लगा। पटना में वह किताब-कॉपी बेचकर अपना खर्च निकालता था और पढ़ाई कर रहा था। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद युवक को उसके परिजनों को सौंप दिया। दो साल बाद बेटे से मिलने पर परिजनों ने अपनी शिकायतें दूर कीं।

