जैसलमेर और पोकरण निकाय चुनावों में बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने:दोनों जगहों पर नाम वापसी के बाद अध्यक्ष और सभापति पदों के लिए मुकाबला

जैसलमेर और पोकरण निकाय चुनावों में बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने:दोनों जगहों पर नाम वापसी के बाद अध्यक्ष और सभापति पदों के लिए मुकाबला

जैसलमेर और पोकरण निकाय चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। नाम वापसी के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। पोकरण नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस से कल्पना रंगा और भाजपा से विमला के बीच मुकाबला तय है। वहीं जैसलमेर नगरपरिषद सभापति पद के लिए 2 निर्दलीयों के नाम वापस लेने के बाद अब कांग्रेस के निर्मल पुरोहित और भाजपा के विजय डांगरा के बीच सीधा मुकाबला होगा। दोनों ही महत्वपूर्ण निकायों में चुनावी समीकरणों को साधने के लिए राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जैसलमेर में बीजेपी 25 सीटों के साथ स्ट्रॉन्ग पोजीशन में जैसलमेर नगरपरिषद सभापति पद के चुनाव को लेकर सियासत काफी तेज हो गई है। नाम वापसी के अंतिम दिन मैदान में डटे 2 निर्दलीयों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। जिसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। अब कांग्रेस के निर्मल (रैयानी) पुरोहित और भाजपा के विजय डांगरा के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला होगा। दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने और बागी तेवरों को शांत करने में पूरी ताकत जुट आए हैं। भाजपा खेमे में डैमेज कंट्रोल और अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने के प्रयास जारी हैं। वहीं विपक्षी दल कांग्रेस भी चुनावी गणित को अपने पक्ष में करने की पूरी जुगत में है। जैसलमेर में सभापति पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होगा और उसी दिन चुनाव परिणामों की घोषणा भी कर दी जाएगी। पोकरण में सीधा मुकाबला, निर्दलीयों पर दांव दूसरी ओर, पोकरण नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भी सियासी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहां नाम वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस और भाजपा ने अपने आधिकारिक प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर दिए हैं। कांग्रेस पार्टी की तरफ से कल्पना रंगा मैदान में हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी की तरफ से विमला चुनाव लड़ रही हैं। कुल 25 वार्डों वाली इस नगरपालिका के हालिया पार्षद चुनावों में भाजपा ने 11 सीटें जीती हैं, जबकि कांग्रेस को 12 सीटों पर सफलता मिली है और 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे हैं। किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत न होने के कारण यह मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया है। पोकरण में नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव 21 और 22 सितंबर को संपन्न होंगे, जिस पर पूरे जिले की निगाहें टिकी हुई हैं।

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