मोतिहारी में दैनिक भास्कर की खबर का असर दिखा है। खाद की कालाबाजारी को लेकर लगातार खबरें दिखाए जाने के बाद प्रशासन एक्शन में आया। सदर एसडीओ के निर्देश पर बंजरिया थाने में मिथिलेश कुमार और सुनील कुमार उर्फ लड्डू के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हालांकि, खाद माफियाओं को बचाने वाले कृषि विभाग के अधिकारी अभी भी बचे हुए हैं, लेकिन वे भी अधिकारियों की नजर में हैं। मामले की जांच अभी भी चल रही है। डीएम और एसपी को गुपचुप जानकारी मिली थी कि बंजरिया प्रखंड के लक्ष्मण चौक पर सुनील कुमार उर्फ गुड्डू के गोदाम से खाद की कालाबाजारी हो रही है। बंजरिया थाने में FIR दर्ज की गई इस जानकारी के बाद डीएम के निर्देश पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद, बंजरिया बीडीओ और बंजरिया थाने की पुलिस वहां पहुंची थी। छह घंटे इंतजार के बाद गोदाम मालिक के आने पर गोदाम का ताला खुला। ताला खुलते ही अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद ने गोदाम मालिक को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद दैनिक भास्कर ने इस कालाबाजारी के रैकेट का खुलासा करते हुए खबर को खास तौर पर दिखाया। खबर चलने के बाद प्रशासन ने मामले को देखा और अब खाद माफिया के खिलाफ बंजरिया थाने में FIR दर्ज की गई है। तरुण खाद बीज भंडार पर जांच में कई गड़बड़ियां पिछले चार दिनों से सदर एसडीओ अरुण कुमार और डीएसपी दिलीप कुमार खाद माफियाओं के खिलाफ लगातार छापेमारी कर रहे हैं। इस दौरान दो खाद माफियाओं के पांच से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसमें सुनील कुमार उर्फ लड्डू समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दूसरी तरफ, तरुण खाद बीज भंडार के तीन गोदामों में भी छापेमारी हुई है, जिसकी जांच अभी चल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तरुण खाद बीज भंडार पर जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसके आधार पर उस पर भी FIR दर्ज होने की आशंका है। भारी मात्रा में खाद का किया गया था भंडारण पड़ताल में सामने आया था कि सुनील कुमार उर्फ लड्डू के नाम से जो गोदाम का लाइसेंस 11 सितंबर को मिला है, उसमें लक्ष्मण चौक वाले गोदाम का कहीं जिक्र ही नहीं है, जबकि उस गोदाम में भारी मात्रा में खाद का भंडारण किया गया था। जानकारी के अनुसार पहले यह लाइसेंस मिथिलेश कुमार और सुनील कुमार के नाम से होलसेल खाद दुकान का था, जो लाइसेंस धारक की मौत के बाद सस्पेंड हो गया था। उसी लाइसेंस को 11 नवंबर को कृषि विभाग द्वारा फिर से रिन्युअल कर सुनील कुमार उर्फ लड्डू के नाम से कर दिया गया, जिसमें तीन गोदामों का पता दिया गया है। पहला गोदाम एकडरी, छौड़ादानो, दूसरा गोदाम मानसपुरी, आजाद नगर, मोतिहारी और तीसरा गोदाम एकडरी, छौड़ादानो में बताया गया है। सवाल यह है कि जब लाइसेंस में लक्ष्मण चौक वाला गोदाम ही वैध नहीं है, तो एसएमओ ने वहां रखे खाद को वैध कैसे बता दिया? मोतिहारी में दैनिक भास्कर की खबर का असर दिखा है। खाद की कालाबाजारी को लेकर लगातार खबरें दिखाए जाने के बाद प्रशासन एक्शन में आया। सदर एसडीओ के निर्देश पर बंजरिया थाने में मिथिलेश कुमार और सुनील कुमार उर्फ लड्डू के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हालांकि, खाद माफियाओं को बचाने वाले कृषि विभाग के अधिकारी अभी भी बचे हुए हैं, लेकिन वे भी अधिकारियों की नजर में हैं। मामले की जांच अभी भी चल रही है। डीएम और एसपी को गुपचुप जानकारी मिली थी कि बंजरिया प्रखंड के लक्ष्मण चौक पर सुनील कुमार उर्फ गुड्डू के गोदाम से खाद की कालाबाजारी हो रही है। बंजरिया थाने में FIR दर्ज की गई इस जानकारी के बाद डीएम के निर्देश पर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद, बंजरिया बीडीओ और बंजरिया थाने की पुलिस वहां पहुंची थी। छह घंटे इंतजार के बाद गोदाम मालिक के आने पर गोदाम का ताला खुला। ताला खुलते ही अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुरेश प्रसाद ने गोदाम मालिक को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद दैनिक भास्कर ने इस कालाबाजारी के रैकेट का खुलासा करते हुए खबर को खास तौर पर दिखाया। खबर चलने के बाद प्रशासन ने मामले को देखा और अब खाद माफिया के खिलाफ बंजरिया थाने में FIR दर्ज की गई है। तरुण खाद बीज भंडार पर जांच में कई गड़बड़ियां पिछले चार दिनों से सदर एसडीओ अरुण कुमार और डीएसपी दिलीप कुमार खाद माफियाओं के खिलाफ लगातार छापेमारी कर रहे हैं। इस दौरान दो खाद माफियाओं के पांच से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसमें सुनील कुमार उर्फ लड्डू समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दूसरी तरफ, तरुण खाद बीज भंडार के तीन गोदामों में भी छापेमारी हुई है, जिसकी जांच अभी चल रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तरुण खाद बीज भंडार पर जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसके आधार पर उस पर भी FIR दर्ज होने की आशंका है। भारी मात्रा में खाद का किया गया था भंडारण पड़ताल में सामने आया था कि सुनील कुमार उर्फ लड्डू के नाम से जो गोदाम का लाइसेंस 11 सितंबर को मिला है, उसमें लक्ष्मण चौक वाले गोदाम का कहीं जिक्र ही नहीं है, जबकि उस गोदाम में भारी मात्रा में खाद का भंडारण किया गया था। जानकारी के अनुसार पहले यह लाइसेंस मिथिलेश कुमार और सुनील कुमार के नाम से होलसेल खाद दुकान का था, जो लाइसेंस धारक की मौत के बाद सस्पेंड हो गया था। उसी लाइसेंस को 11 नवंबर को कृषि विभाग द्वारा फिर से रिन्युअल कर सुनील कुमार उर्फ लड्डू के नाम से कर दिया गया, जिसमें तीन गोदामों का पता दिया गया है। पहला गोदाम एकडरी, छौड़ादानो, दूसरा गोदाम मानसपुरी, आजाद नगर, मोतिहारी और तीसरा गोदाम एकडरी, छौड़ादानो में बताया गया है। सवाल यह है कि जब लाइसेंस में लक्ष्मण चौक वाला गोदाम ही वैध नहीं है, तो एसएमओ ने वहां रखे खाद को वैध कैसे बता दिया?

