औरंगाबाद के 259 इंटरस्तरीय संस्थानों में एग्जाम:11वीं और 12वीं की परीक्षा में 60 हजार से अधिक स्टूडेंट्स होंगे शामिल; मोबाइल लाने पर रोक

औरंगाबाद के 259 इंटरस्तरीय संस्थानों में एग्जाम:11वीं और 12वीं की परीक्षा में 60 हजार से अधिक स्टूडेंट्स होंगे शामिल; मोबाइल लाने पर रोक

औरंगाबाद जिले के 259 इंटरस्तरीय संस्थानों में 11वीं कक्षा की त्रैमासिक और 12वीं कक्षा की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 18 सितंबर से शुरू होगी। परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग और संबंधित विद्यालयों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बिहार बोर्ड की ओर से जिला शिक्षा कार्यालय के माध्यम से संस्थानों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जा रही है। प्रश्नपत्र सील पैकेट में भेजे गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा के समय खोला जाएगा। जिले में जिन संस्थानों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, उनमें चार प्रोजेक्ट हाईस्कूल, 88 राजकीयकृत प्लस टू विद्यालय, 142 अपग्रेड हाईस्कूल और 20 वित्त रहित इंटर कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकित 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। संबंधित संस्थानों के प्रधान को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी देते हुए केंद्राधीक्षक बनाया गया है। शिक्षा विभाग का निर्देश है कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराई जाए। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को मोबाइल फोन, चिट-पूर्जा अथवा किसी अन्य अनुचित सामग्री के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। 23 सितंबर तक दो पालियों में होगी परीक्षा बिहार बोर्ड ने 11वीं की त्रैमासिक और 12वीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए अलग से परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। छुट्टी के दिनों को छोड़कर परीक्षा 23 सितंबर तक चलेगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। पहले दिन पहली पाली में विज्ञान संकाय के फिजिक्स, वाणिज्य के इंटरप्रेन्योरशिप और कला संकाय के फिलॉसफी विषय की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में विज्ञान के केमिस्ट्री, वाणिज्य के अकाउंटेंसी और कला संकाय के पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा निर्धारित है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने विशेष प्रक्रिया निर्धारित की है। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र के सील पैकेट को परीक्षा कक्ष में वीक्षक और दो परीक्षार्थियों की मौजूदगी में खोला जाएगा। पैकेट के कवर पर वीक्षक और दोनों परीक्षार्थियों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। इसके बाद प्रश्नपत्र विद्यार्थियों के बीच वितरित किया जाएगा। 50 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव, ओएमआर पर देना होगा जवाब इस परीक्षा में प्रश्नपत्र के कुल पूर्णांक का 50 प्रतिशत हिस्सा ऑब्जेक्टिव और 50 प्रतिशत हिस्सा सब्जेक्टिव रहेगा। ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के लिए विद्यार्थियों को चार विकल्प दिए जाएंगे। सही विकल्प का चयन करने के बाद ओएमआर शीट पर बने संबंधित गोले को कलर कर उत्तर देना होगा। वहीं सब्जेक्टिव प्रश्नों के उत्तर निर्धारित उत्तर पुस्तिका में लिखित रूप से देने होंगे। परीक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का मूल्यांकन करना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी तैयारी और विषयगत समझ को खुद परखने का अवसर देना भी है। बोर्ड के निर्देश के अनुसार सभी नामांकित छात्र-छात्राओं का परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित संस्थानों को विद्यार्थियों के प्राप्तांक और परीक्षा परिणाम को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तैयार करना होगा। रिजल्ट की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी निर्धारित समय सीमा के भीतर बोर्ड को उपलब्ध करानी होगी। शिक्षा विभाग ने परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया है। संस्थान प्रधानों को परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर परीक्षा में शामिल कराने की जिम्मेदारी दी गई है। कोचिंग संचालकों को भी चेतावनी, परीक्षा से रोकना कानूनन अपराध डीपीओ माध्यमिक शिक्षा संतोष कुमार ने कहा कि इंटरस्तरीय संस्थानों में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान सुबह 9:30 बजे से शाम 5:15 बजे तक किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालक विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने से रोकने या परीक्षा से वंचित रखने का प्रयास नहीं करेगा। ऐसा करना कानूनन अपराध है। यदि इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा को लेकर विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय-सारणी की जानकारी दी जा रही है। बोर्ड से प्राप्त सील पैकेट प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षा के समय खोलने की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराना है। औरंगाबाद जिले के 259 इंटरस्तरीय संस्थानों में 11वीं कक्षा की त्रैमासिक और 12वीं कक्षा की अर्द्धवार्षिक परीक्षा 18 सितंबर से शुरू होगी। परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग और संबंधित विद्यालयों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बिहार बोर्ड की ओर से जिला शिक्षा कार्यालय के माध्यम से संस्थानों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जा रही है। प्रश्नपत्र सील पैकेट में भेजे गए हैं, जिन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा के समय खोला जाएगा। जिले में जिन संस्थानों में परीक्षा आयोजित की जाएगी, उनमें चार प्रोजेक्ट हाईस्कूल, 88 राजकीयकृत प्लस टू विद्यालय, 142 अपग्रेड हाईस्कूल और 20 वित्त रहित इंटर कॉलेज शामिल हैं। इन संस्थानों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकित 60 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। संबंधित संस्थानों के प्रधान को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी देते हुए केंद्राधीक्षक बनाया गया है। शिक्षा विभाग का निर्देश है कि परीक्षा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराई जाए। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों को मोबाइल फोन, चिट-पूर्जा अथवा किसी अन्य अनुचित सामग्री के साथ परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। 23 सितंबर तक दो पालियों में होगी परीक्षा बिहार बोर्ड ने 11वीं की त्रैमासिक और 12वीं की अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए अलग से परीक्षा कार्यक्रम जारी किया है। छुट्टी के दिनों को छोड़कर परीक्षा 23 सितंबर तक चलेगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। पहले दिन पहली पाली में विज्ञान संकाय के फिजिक्स, वाणिज्य के इंटरप्रेन्योरशिप और कला संकाय के फिलॉसफी विषय की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में विज्ञान के केमिस्ट्री, वाणिज्य के अकाउंटेंसी और कला संकाय के पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा निर्धारित है। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने विशेष प्रक्रिया निर्धारित की है। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र के सील पैकेट को परीक्षा कक्ष में वीक्षक और दो परीक्षार्थियों की मौजूदगी में खोला जाएगा। पैकेट के कवर पर वीक्षक और दोनों परीक्षार्थियों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। इसके बाद प्रश्नपत्र विद्यार्थियों के बीच वितरित किया जाएगा। 50 प्रतिशत ऑब्जेक्टिव, ओएमआर पर देना होगा जवाब इस परीक्षा में प्रश्नपत्र के कुल पूर्णांक का 50 प्रतिशत हिस्सा ऑब्जेक्टिव और 50 प्रतिशत हिस्सा सब्जेक्टिव रहेगा। ऑब्जेक्टिव प्रश्नों के लिए विद्यार्थियों को चार विकल्प दिए जाएंगे। सही विकल्प का चयन करने के बाद ओएमआर शीट पर बने संबंधित गोले को कलर कर उत्तर देना होगा। वहीं सब्जेक्टिव प्रश्नों के उत्तर निर्धारित उत्तर पुस्तिका में लिखित रूप से देने होंगे। परीक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों का मूल्यांकन करना नहीं, बल्कि उन्हें अपनी तैयारी और विषयगत समझ को खुद परखने का अवसर देना भी है। बोर्ड के निर्देश के अनुसार सभी नामांकित छात्र-छात्राओं का परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा समाप्त होने के बाद संबंधित संस्थानों को विद्यार्थियों के प्राप्तांक और परीक्षा परिणाम को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तैयार करना होगा। रिजल्ट की हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी निर्धारित समय सीमा के भीतर बोर्ड को उपलब्ध करानी होगी। शिक्षा विभाग ने परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया है। संस्थान प्रधानों को परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर परीक्षा में शामिल कराने की जिम्मेदारी दी गई है। कोचिंग संचालकों को भी चेतावनी, परीक्षा से रोकना कानूनन अपराध डीपीओ माध्यमिक शिक्षा संतोष कुमार ने कहा कि इंटरस्तरीय संस्थानों में नामांकित सभी छात्र-छात्राओं के लिए परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा अवधि के दौरान सुबह 9:30 बजे से शाम 5:15 बजे तक किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालक विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल होने से रोकने या परीक्षा से वंचित रखने का प्रयास नहीं करेगा। ऐसा करना कानूनन अपराध है। यदि इस तरह का कोई मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा को लेकर विद्यालयों में विद्यार्थियों को समय-सारणी की जानकारी दी जा रही है। बोर्ड से प्राप्त सील पैकेट प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षा के समय खोलने की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य परीक्षा को पूरी तरह शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराना है।  

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