जनरल के आवास की तस्वीर भेजी, 9 गाड़ियों में आग भी लगाई, ईरान के लिए जासूसी करने वाले को इजराइल ने दी कठोर सजा

जनरल के आवास की तस्वीर भेजी, 9 गाड़ियों में आग भी लगाई, ईरान के लिए जासूसी करने वाले को इजराइल ने दी कठोर सजा

Israel Iran Spying Case: इजराइल की एक अदालत ने ईरान के लिए जासूसी करने, आगजनी और तोड़फोड़ की गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप में एक नागरिक को 13.5 साल जेल की कठोर सजा सुनाई है। आरोपी अलेक्जेंडर ग्रानोव्स्की को 2024 में गिरफ्तार किया गया था। इजरायली मीडिया के अनुसार, उसने ईरानी एजेंट के संपर्क में रहकर कई सुरक्षा संबंधी गतिविधियों को अंजाम दिया।

डिजिटल करेंसी के बदले की जासूसी

इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सजा पाने वाले व्यक्ति का नाम अलेक्जेंडर ग्रानोव्स्की (उम्र लगभग 30 साल) है, जिसे 2024 में गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि वह एक ईरानी एजेंट के संपर्क में था। इस काम के बदले आरोपी को हजारों डॉलर का भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जा रहा था। आरोपी लगातार मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के जरिए ईरानी हैंडलर से जुड़ा हुआ था।

पूर्व सैन्य प्रमुख बेनी गैंट्ज की जासूसी

जांच में पता चला कि आरोपी ने इजरायल की ‘ब्लू एंड व्हाइट पार्टी’ के प्रमुख और पूर्व जनरल बेनी गैंट्ज के रहने वाले इलाके की तस्वीरें खींचकर टेलीग्राम के जरिए ईरान भेजी थी। इसके अलावा, उस पर नौ वाहनों को आग लगाने और दीवारों पर ग्रैफिटी लिखने का भी आरोप साबित हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि उसे आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को जोड़कर और हिंसक घटनाओं को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

कड़ी सजा से दिया साफ संदेश

अदालत ने कहा कि इस सजा के जरिए उन लोगों को साफ संदेश दिया गया है, जो पैसे के बदले किसी दुश्मन देश या शत्रु पक्ष के लिए काम करने के बारे में सोचते हैं। ऐसे लोगों को आगे लंबी और बेहद कड़ी जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

ईरान के लिए काम करने वालों पर कार्रवाई

इजरायल ने पिछले दो साल में दर्जनों लोगों को ईरान के लिए पैसे लेकर काम करने के शक में गिरफ्तार किया है। आमतौर पर ऐसे लोग सोशल मीडिया के जरिए ईरानी एजेंटों के संपर्क में आते हैं। इनमें मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम का इस्तेमाल खास तौर पर किया जाता है।

एक और ईरानी जासूसी मामले में चार दोषी

एक अलग मामले में जेरूसलम डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पूर्वी जेरूसलम के चार फिलिस्तीनियों को दोषी ठहराया है। चारों ने एक अन्य ईरानी जासूसी साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की थी। यह मामला भी 2024 के अंत का है और इसमें पैसे के बदले जासूसी गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई थी। हालांकि, इन चारों को क्या सजा दी जाएगी, इसका फैसला बाद में होगा।

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