US House Committees ActBlue: अमेरिकी में राजनीति गरमा गई है। इसकी वजह डेमोक्रेटिक पार्टी का सबसे बड़ा ऑनलाइन डोनेशन जुटाने वाला प्लेटफॉर्म ‘एक्टब्लू’ (ActBlue) भारी विवादों में घिर गया है। अमेरिकी संसद (हाउस) की तीन प्रमुख कमेटियों ने एक्टब्लू पर गैर-कानूनी विदेशी फंड रोकने में जानबूझकर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। जांच में सामने आए अंदरूनी दस्तावेजों ने इस चुनावी प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेड फ्लैग के बावजूद चंदे को हरी झंडी
जांच कमेटियों के मुताबिक, एक्टब्लू के कुछ सुपरवाइजर अपने घोटाला जांचने वाले कर्मचारियों पर संदिग्ध चंदे को भी स्वीकार करने का दबाव डाल रहे थे। कर्मचारियों से कहा जाता था कि वे हर मामले में चंदा देने वाले पर तुरंत शक न करें। कई मामलों में विदेशी क्रेडिट कार्ड, संदिग्ध ईमेल आईडी, गलत या अलग बिलिंग एड्रेस और असामान्य आईपी एड्रेस जैसी गड़बड़ियां सामने आईं। इसके बावजूद कुछ चंदे स्वीकार कर लिए गए।
एक मामले में एक एनालिसिस्ट ने कमला हैरिस के अभियान के लिए प्रीपेड कार्ड से छोटी-छोटी रकम में आ रहे चंदों के असामान्य पैटर्न को पहचाना। हालांकि, अधिकारियों ने यह कहते हुए इन चंदों को स्वीकार कर लिया कि केवल इन संकेतों के आधार पर इसे निश्चित तौर पर फ्रॉड नहीं कहा जा सकता।
कमजोर सुरक्षा मानक और पासपोर्ट वेरिफिकेशन का दिखावा
कमेटियों ने एक्टब्लू के विदेशी फंड रोकने के दावों की पोल खोल दी है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि विदेशी फंडिंग रोकने के नाम पर जो पासपोर्ट वेरिफिकेशन सिस्टम बनाया गया था, उसमें किसी वैलिड अमेरिकी पासपोर्ट नंबर की जरूरत ही नहीं थी। यानी कोई भी फर्जी डाटा डालकर सिस्टम को चकमा दे सकता था। 2024 के दौरान एक्टब्लू ने अपने सुरक्षा मानकों को दो बार कमजोर किया। इससे मैन्युअल रिव्यू के दायरे में आने वाले संदिग्ध ट्रांजैक्शन की संख्या घट गई और बिना कड़ी जांच के पैसा अंदर आता रहा।
दस्तावेज छिपाने और कांग्रेस को गुमराह करने के आरोप
एक्टब्लू ने दावा किया था कि उसने जांच कमेटियों को सभी जरूरी फाइलें सौंप दी हैं। हालांकि, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के बाद यह पोल खुल गई। इसमें एक पूर्व कर्मचारी के इस्तीफे के लेटर और व्हिसल-ब्लोअर के संदेशों का जिक्र था, जिन्हें कमेटियों से छिपाया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व व्हाइट हाउस वकील डाना रेमस के ड्राफ्ट मेमो में भी चेतावनी दी गई थी कि एक्टब्लू के विदेशी चंदे को स्वीकार करने का तरीका जानबूझकर किया गया लगता है। साथ ही आरोप लगा कि मुख्य कार्यकारी अधिकारी रेजिना वालेस-जोन्स ने कांग्रेस को गुमराह किया है।
बता दें एक्टब्लू की तरफ से इन आरोपों पर अभी कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन अमेरिकी संसद की यह जांच अमेरिकी चुनावी फंडिंग की ट्रांसपेरेंसी पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा चुकी है।


BREAKING: A bombshell House report just found that Democrat fundraising arm ActBlue is COVERING UP donation fraud and FOREIGN MONEY, after MULTIPLE of their own members repeatedly pled the 5th Amendment before Congress — Fox